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रे अस्पताल सील: कमिश्नर मिले न वीसी, डॉक्टरों को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

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रे अस्पताल सील: कमिश्नर मिले न वीसी, डॉक्टरों को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
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- काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने जीडीए की कार्रवाई का जताया विरोध
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- सचिव से मिलकर दिया ज्ञापन, बृहस्पतिवार को वीसी से मिलेंगे आईएमए के डाॅक्टर

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। दाउदपुर के डॉक्टर शंकर रे अस्पताल को सील करने का मामला तूल पकड़ रहा है। सील खुलवाने की मांग लेकर कमिश्नर कैंप पहुंचे डॉक्टरों को वहां कमिश्नर नहीं मिले। उसके बाद जीडीए दफ्तर में वीसी भी नहीं मिले। पता चला कि दोनों अफसर लखनऊ गए हैं। डॉक्टरों ने अपनी नाराजगी काली पट्टी बांधकर जताई। विरोध जताते हुए डॉक्टर जीडीए सचिव से मिले और पूरा मामला उनके सामने रखा। साथ ही चेतावनी दी कि बृहस्पतिवार को वे जीडीए वीसी से मिलेंगे। उसके बाद भी सील नहीं खोली गई तो आईएमए आंदोलन छेड़ने का मजबूर होगा।
उपाध्यक्ष से मिलेंगे डॉक्टर, सील नहीं खुली तो शुरू करेंगे लड़ाई
अस्पताल सील होने के बाद आईएमए के डॉक्टर लामबंद हो गए हैं। बुधवार की सुबह साढ़े 10 बजे डॉ. नरेंद्र देव के साथ आईएमए के 40 से अधिक डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर कैंप कार्यालय पर पहुंचा। लेकिन, कमिश्नर के लखनऊ जाने की वजह से डॉक्टर उनसे नहीं मिल सके। वहां कैंप अधिकारी को जीडीए की कार्रवाई के विरोध में ज्ञापन दिया। वहां से डॉक्टर जीडीए पहुंचे। लेकिन, उपाध्यक्ष के मौजूद नहीं होने पर सचिव उदय प्रताप सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
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प्रतिनिधिमंडल ने सील खोलने की मांग की। डॉक्टराें ने कहा कि यदि सील नहीं खुलती है तो आईएमए निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। जीडीए सचिव ने आश्वस्त किया कि उपाध्यक्ष के आने के बाद वह उन्हें आईएमए सदस्यों की भावनाओं से अवगत कराएंगे। पूरा प्रयास करेंगे कि डॉक्टर रे की क्लीनिक की सील खोल दी जाए। इस पर डॉक्टरों ने तय किया वह लोग बृहस्पतिवार को उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर से मिलेंगे। उनसे अपनी मांग दोहराते हुए सील खोलने की आग्रह करेंगे। यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसके बाद आईएमए आंदोलन शुरू कर देगा।
दाउदपुर स्थित डॉ. संतोष शंकर रे के अस्पताल को सील करने से शहर के डॉक्टर आक्रोशित हैं। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम ओर से हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए बुधवार को हाथ में काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने विरोध जताया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों ने जीडीए सचिव से मिलकर सील खोलने की मांग की। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत में सचिव ने पूरे मामले को उपाध्यक्ष के सामने रखने की बात कही। अब डॉक्टर बृहस्पतिवार को जीडीए उपाध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, डॉक्टरों ने चेताया कि यदि सील नहीं खुली तो आईएमए आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
दाउदपुर के डॉक्टर डॉ. संतोष शंकर रे पर आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर व्यावसायिक उपयोग करने का आरोप है। उनके खिलाफ शिकायत की जांच के बाद मंगलवार की दोपहर विशेष कार्य अधिकारी पीके सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने कार्रवाई की थी। पूरे अस्पताल परिसर को सील करते हुए डॉक्टर को किसी तरह की गतिविधि संचालित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर ने आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराकर करीब 160 वर्ग मीटर में बेसमेंट, भूतल, प्रथम और द्वितीय तल का निर्माण कराया है। साथ ही इस परिसर का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर डॉ. संतोष शंकर रे ने कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया। कहा कि तारामंडल क्षेत्र स्थित एक जमीन के मामले में जीडीए अधिकारी दबंग के पक्ष में समझौता कराना चाहते हैं। उनकी बात नहीं मानने पर अस्पताल को सील करके दबाव बनाया जा रहा है।
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हम लोगों ने जीडीए सचिव से मुलाकात की है। उन्होंने कहा है कि उपाध्यक्ष के आने पर उनके सामने पूरी बात रखेंगे। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे हम लोग जीडीए उपाध्यक्ष से मिलेंगे। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन किया जाएगा।
डॉ. अमित कुमार मिश्रा, सचिव, आईएमए
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डॉ. संतोष शंकर रे की तरफ से लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। आवासीय मानचित्र पर बने भवन का व्यावसायिक उपयोग करने की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच में मामला सही पाया गया। इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर ज्ञापन दिया है। इस प्रकरण को उपाध्यक्ष के सामने रखा जाएगा। उनका जो निर्णय होगा। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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उदय प्रताप सिंह, सचिव, जीडीए
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तारामंडल में स्थित एक जमीन का विवाद चल रहा है। एक प्रभावशाली के पक्ष में जीडीए अधिकारी जबरन सुलह समझौता कराने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए मुझे कई बार बुलाया भी गया। लेकिन जब मैंने उनकी बात नहीं मानी तो मेरा अस्पताल सील कर दिया गया। जीडीए टीम ने अनुचित कार्रवाई की है।
डॉ. संतोष शंकर रे, पीड़ित
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