- गोरखपुर महोत्सव में राजकीय अभिलेखागार व संस्कृत विभाग की ओर से लगी दुर्लभ अभिलेख प्रदर्शनी
- शहीद बंधू सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल और चौरीचौरा कांड के अभिलेखों को किया गया है प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव में गीत, संगीत और नृत्य के साथ ज्ञान की भी रसधारा बह रही है। महोत्सव में पहली बार राजकीय अभिलेखागार व संस्कृति विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों से जुड़े दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इनमें 1857 की क्रांति, चौरीचौरा कांड से जुड़े दुर्लभ अभिलेखों को प्रदर्शित किया गया है। ये अभिलेख लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
गोरखपुर महोत्सव में पहली बार राजकीय अभिलेखागार, संस्कृति विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े चौरीचौरा कांड, 1857 की क्रांति, डोहरिया कला आदि से जुड़ी अन्य घटनाओं के दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी लगाई गई है। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा 1857 में क्रांति करने वाले शहीद बंधू सिंह पर लगे तीन हजार के इनाम के दुर्लभ दस्तावेज, 1857 की क्रांति में शामिल क्रांतिकारियों की सूची, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, शचिन्द्रनाथ सान्याल, रामचंद्र विद्यार्थी से जुड़े चित्र व अभिलेखों को प्रदर्शनी में लगाया गया है। इसके अलावा क्रांतिकारियों के मूल हस्ताक्षर को प्रदर्शित किया गया है, जो लोगों के आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं।
पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की उत्तर पुस्तिका कर रही आकर्षित
राजकीय अभिलेखागार व संस्कृति विभाग द्वारा दुर्लभ अभिलेख प्रदर्शनी में शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की उत्तर पुस्तिका युवा हो चाहे बुजुर्ग सबको आकर्षित कर रही है। शाहजहांपुर जिले के विद्यालय में वर्ष 1916 में उनके द्वारा दिए गए हाईस्कूल की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका को संरक्षित कर प्रदर्शित किया है। उत्तर पुस्तिका में उनकी अंग्रेजी विषय की राइटिंग व उनके द्वारा बनाया गया भारत के चित्र को प्रदर्शित किया गया है।