अयोध्या में सरयू ने पार किया लाल निशान, बरहज में खतरे से एक मीटर से ऊपर जलस्तर
गोरखपुर। राप्ती नदी का जलस्तर प्रति घंटा एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर पहुंच गया। वहीं सरयू नदी ने अयोध्या में खतरे के निशान को पार कर लिया है। वह खतरे के निशान से नौ सेमी ऊपर पहुंच गई है। इसके अलावा जिले में बहने वाली अन्य नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। लेकिन, राप्ती नदी के पानी की वजह से डोहरिया-डोमिनगढ़ मार्ग डूब गया है। इस सड़क पर लगभग दो फिट पानी चढ़ गया है।
राप्ती नदी एक बार फिर लाल निशान के पार पहुंच गई है। इससे नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बुधवार को नदी खतरे के निशान से छह सेमी ऊपर बह रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को इसका जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इसके लगातार बढ़ने की वजह से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनती जा रही है। दूसरी तरफ सरयू नदी अयोध्या में खतरे के निशान से बुधवार तक नीचे बह रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को उसने भी लाल निशान को पार कर लिया। माना जाता है जिले में सरयू नदी का पानी अयोध्या से ही होकर जिले में आता है। लेकिन, यही नदी बरहज में खतरे के निशान से 1.10 मीटर ऊपर पहुंच गई है। इसके अलावा जिले में बहने वाली रोहिन नदी खतरे के निशान से 1.21 मीटर नीचे बह रही है। गोर्रा 55 सेमी नीचे तो कुआनो दो मीटर से अधिक नीचे है।
डोहरिया-डोमिनगढ़ मार्ग पर चढ़ा पानी
डोहरिया-डोमिनगढ़ मार्ग पर लगभग दो फिट पानी चढ़ने से वह मार्ग बंद हो गया है। जगतबेला प्रतिनिधि के अनुसार डोहरिया-डोमिनगढ़ मार्ग पर पानी चढ़ जाने से उस क्षेत्र के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नदी के पानी की वजह से डिहवा गांव के लगभग 300 घर पानी से घिर गए हैं। जिन लोगों को अपनी जरूरतों के लिए कहीं आना-जाना है वह लोग इस मार्ग पर पानी के रास्ते पैदल आ जा रहे हैं। इसी तरह से पानी के बढ़ने का क्रम जारी रहा तो उस क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से किसी ने यहां पर आकर ग्रामीणों की कोई सुधि नहीं ली है।
डोमिनगढ़-डोहरिया मार्ग पर राप्ती का पानी बढ़ने पर कई तालों का पानी एकत्रित होकर यहां पर जमा हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए यहां पर 40 क्यूसेक के सात पंप तथा 30 क्यूसेक के तीन पंप लगाए जाएंगे। यहां पर कुल 10 पंप लगेंगे। राज्य सरकार से इसकी अनुमति मिल गई है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद पंप लगने का कार्य शुरू हो जाएगा। पंप लगने के बाद यहां पर हो रहे जल जमाव की समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो जाएगा। यह लंबा प्रोजेक्ट है, इसकी प्रक्रिया चल रही है।
आनंद गौतम, अधिशासी अभियंता, ड्रेनेज खंड