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Gorakhpur News: राप्ती नदी पहुंची खतरे के निशान से ऊपर, बढ़ने का क्रम जारी- जानें अभी किस निशान पर है जलस्तर

Tue, 16 Jul 2024 01:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

राप्ती नदी नेपाल में जहां से निकली है उस क्षेत्र में बारिश होने की वजह से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते चौबीस घंटे में राप्ती नदी का जलस्तर 20 सेंटी मीटर बढ़ने से वह खतरे के निशान से 93 सेंटी मीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे जिले के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। उसके बढ़ने का क्रम लगातार जारी है। हालांकि नदी के उपरी हिस्से में जलस्तर घटना शुरू हो गया है।
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राप्ती नदी पर गुरु गोरक्षनाथ घाट बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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बीते चौबीस घंटे में राप्ती नदी का जलस्तर 20 सेंटी मीटर बढ़ने से वह खतरे के निशान से 93 सेंटी मीटर ऊपर पहुंच गई है। इससे जिले के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। उसके बढ़ने का क्रम लगातार जारी है। हालांकि नदी के उपरी हिस्से में जलस्तर घटना शुरू हो गया है।

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इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि एक दिन बाद यहां भी नदी का जलस्तर नीचे आना शुरू हो जाएगा। वहीं सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे आ गई है। रोहिन भी नीचे आ रही है। गोर्रा लाल निशान के करीब पहुंच गई है। कुआनो खतरे के निशान से नीचे है।

 

राप्ती नदी पर रामघाट पर बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
राप्ती नदी नेपाल में जहां से निकली है उस क्षेत्र में बारिश होने की वजह से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नदी खतरे के निशान से 93 सेमी ऊपर पहुंच गई। इससे उसके तटवर्ती क्षेत्र के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं।

 

तेजी से बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन उन गांवों पर नजर लगाए हुए है। राहत की बात यह है कि सरयू नदी खतरे के निशान से लगातार नीचे आ रही है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता का कहना है कि राप्ती का पानी सरयू में जाकर मिलता है। सरयू का जलस्तर लगातार घटने की वजह से काफी राहत है।

 
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राजघाट राप्ती नदी का बाढ़ का पानी बैकुण्ठ धाम तक पंहुचा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राोहिन नदी भी उतार पर है। रोहिन का पानी राप्ती नदी में आता है। इससे राप्ती का जलस्तर बढ़ता है। इससे अनुमान है कि एक दिन बाद राप्ती का पानी नीचे उतरने लगेगा। गोर्रा राप्ती की सहयोगी नदी है। वह खतरे के निशान से मात्र 5 सेमी नीचे है।

राप्ती का जलस्तर घटने पर उस पर भी असर होगा। कुआनो का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन वह मुखलिसपुर में खतरे के निशान से 89 सेमी नीचे है। वहीं, बाल्मीकिनगर बैराज से सोमवार की शाम 1.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बावजूद इसके , गंडक नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बतया कि राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उसके बाद भी अभी कोई चिंता की बात नही है। वंधों पर लगातार निगरानी की जा रही है। सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
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