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Gorakhpur News: राप्ती घटी पर सरयू चढ़ी..रोहिन भी उफनाई

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रोहिन नदी का जलस्तर चौबीस घंटे में बढ़ा 77 सेमी
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है। उधर, राप्ती नदी का जलस्तर घटने से लोगों को राहत मिली है। हालांकि राप्ती नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। उधर, रोहिन नदी उफना गई है। उसके जलस्तर में बीते 24 घंटे में 77 सेमी की बढ़त दर्ज की गई है।
सरयू नदी का जलस्तर कुछ दिन पहले खतरे के निशान को पार करने के बाद लाल निशान से काफी नीचे आ गया था। एक तरफ सरयू नदी नीचे जा रही थी तो राप्ती का जलस्तर ऊपर आ रहा था। करीब एक मीटर से अधिक ऊपर जाने के बाद राप्ती नदी का जलस्तर नीचे आने लगा। शनिवार को राप्ती नदी खतरे के निशान से मात्र 31 सेमी ऊपर रह गया है। दूसरी तरफ सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 20 सेमी नीचे रह गया है। कल तक दोनों के लाल निशान के करीब पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा रोहिन नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
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माना जा रहा है कि रोहिन के क्षेत्र में कहीं बारिश हुई है। इस नाते इसका जलस्तर अचानक बढ़ गया है। राप्ती की सहयोगी गोर्रा नदी का जलस्तर नीचे आ रहा है। वह खतरे के निशान से 25 सेमी नीचे बह रही है। कुआनो नदी का पानी बढ़ रहा है, लेकिन वह खतरे के निशान से 87 सेमी नीचे है।
सहजनवां प्रतिनिधि के अनुसार, ग्रामीणों की शिकायत पर पिपरौली ब्लॉक प्रमुख दिलीप कुमार यादव ने बोक्टा-बरवार बंधे पर बरहुआ में निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि बंधे की चौड़ाई कम होने के साथ बोल्डर की गुणवत्ता भी खराब है। प्रमुख ने इस पर नाराजगी जताते हुए विभाग के जिम्मेदारों को चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर बंधे के साथ खिलवाड़ न हो। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि बांध से मिट्टी निकलने से बांध कमजोर होगा। बांध कमजोर हुआ तो जिम्मेदारी विभाग की होगी।
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बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या हो गई 52
चार दिनों तक राप्ती नदी का जलस्तर लगातार गिरने की वजह से बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या में भी गिरावट आई है। शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या घटकर 52 रह गई है। जबकि बाढ़ से प्रभावित होने वाली जनसंख्या 69,778 हो गई है।
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