छह महीने पहले ही रामलीला की हो गई थी बुकिंग
22 जनवरी को रामलीला मैदान से कृष्ण कुमार पटवा के बेटे की शादी में रामलीला मैदान की बुकिंग करवा ली थी। एक लाख 60 हजार रुपये देकर उनके द्वारा मैदान की बुकिंग करवाई गई थी। बुकिंग का काम टेंडर पाने वाले पूर्व पार्षद और आवेदक के बीच ही रहता है।
जिनके यहां शादी थी, परिवार के सदस्य ने बताया कि बुकिंग होने की वजह से अंदर तो नहीं, लेकिन गेट पर कुछ लोगों ने भंडारे और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किए थे। सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि कई बार दिनेश को पूरी बात बताई गई थी। 14 जनवरी को पिता की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने वो भी आए थे। उनसे बताया कि बात कर देख लिया जाएगा कि क्या कोई व्यवस्था बन सकती है। लेकिन, उनके आग्रह पर एक पेपर के साथ फोटो खिंचवा लिया।
परिवार के लोग तो थे ही, उन्होंने अन्य जगह मनाया श्रीराम महोत्सव
रामलीला कमेटी के लोगों ने मुख्यमंत्री से की शिकायत में बताया है कि 22 जनवरी को दिनेश गुप्ता अपने बेटी की सगाई में मुंबई में थे। जबकि, उनकी तरफ से दावा किया जा रहा कि रामलीला के भव्य आयोजन के लिए परिसर की मांग करने पर नहीं दिया गया। दिनेश गुप्ता ने कहा कि हम स्थानीय पार्षद हैं।
20 तारीख को अचानक से बेटी के सगाई की तारीख तय हो गई। आनन-फानन में पत्नी के साथ जाकर इसे पूरा किया। परिसर नहीं मिलने की वजह से परिवार और प्रतिनिधि ने दूसरी जगह राम लीला के भव्य आयोजन को मनाया। जब भी परिसर को धार्मिक कामों के लिए मांगा गया है, नहीं दिया गया।
पार्षद पति दिनेश गुप्ता ने बताया कि मेरी पत्नी की तरफ से कई बार रामलीला मैदान में धार्मिक आयोजन के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन नहीं दिया गया। २२ जनवरी के लिए भी कई बार पत्रचार कर जगह मांगी गई थी। नहीं दी गई। वार्ड के पार्षद होने की वजह से जरूरतमंदों के लिए अक्सर जरूरत पड़ती है। पेट्रोल पंप से उनका या पत्नी का कोई लेना-देना नहीं है। इसकी जानकारी भी नहीं है।
वहीं, अपर जिलाधिकारी पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने बताया कि आरोपों को लेकर पक्ष रखने के लिए रामलीला कमेटी के मंत्री को पत्र लिखा था। उनकी ओर से कुछ जवाब दे दिए गए हैं और कुछ आने हैं। आरोपों की जांच कर संबंधित पटल पर रखवा दिया जाएगा।