कैंट इलाके के आदर्श नगर सिंघड़िया स्थित विदेश भेजने वाली एक कंपनी के दफ्तर और ट्रेनिंग सेंटर में बुधवार को पुलिस ने दबिश दी। एएसपी आलोक भाटी के नेतृत्व में एसओजी की टीम 11 बजे से दोपहर दो बजे तक जांच की।
इस दौरान 100 से अधिक पासपोर्ट, कागजात, रजिस्टर व कैश जब्त किया गया। हालांकि पुलिस ने किसी को हिरासत में नहीं लिया है। फिलहाल एसओजी टीम मामले कि जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, एसएसपी को सोमवार को गोपनीय सूचना मिली थी कि फर्जी रूप से लोगों से मेडिकल के नाम पर रुपया लेकर, पासपोर्ट जमा कराकर विदेश भेजने का काम एक कंपनी द्वारा किया जाता है। साथ ही गैर कानूनी रूप से साक्षात्कार लेकर पासपोर्ट भी जमा करा लिया जाता है। विदेश भेजने के बाद जिस पद पर कहा जाता है उस पद पर नौकरी नहीं मिलती है।
इस सूचना के बाद एसएसपी ने कार्रवाई कि जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंपी। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर एएसपी आलोक भाटी के नेतृत्व में एसओजी टीम और गोलघर चौकी पुलिस कंपनी के दफ्तर पर पहुंची और जांच शुरू की।
चर्चा है कि इस कंपनी की शिकायत एक जनप्रतिनिधि ने पुलिस के अधिकारी से की थी। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि सूचना मिली थी। जांच में गलत पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के पहुंचने पर बंद हुआ मेडिकल जांच
पुलिस के पहुंचने पर हड़कंप मच गया। इस दौरान मेडिकल जांच करने वाले कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गए। आसपास की विदेश भेजने वाली अन्य कंपनियां ताला बंद कर खिसक ली। शाम को पुलिस के जाने के बाद फिर सारा काम शुरू हुआ।
देखते-देखते खुल गईं दर्जनों कंपनियां
सिंघड़िया पर विदेश भेजने वाली पहले सिर्फ एक कंपनी खुली थी। उसकी कमाई देखकर पिछले 10 साल में 12 से अधिक कंपनियां 500 मीटर की परिधि में खुल गई। सभी ट्रेनिंग, इंटरव्यू और मेडिकल कराकर विदेश भेजती हैं। कई बार यहां फर्जीवाड़ा हो चुका है। एक बार तो एक कंपनी में लूट की भी घटना हो चुकी है। जिसमें कंपनी के कुछ लोगों का हाथ सामने आया था।
जेल जा चुका है मालिक
पुलिस ने जिस कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा उसका मालिक व भाई हत्या व जालसाजी के आरोप में जेल जा चुका है। वर्तमान में दोनों भाई अलग-अलग कंपनी खोल संचालित कर रहे हैं।