गोरखपुर। नगर निगम की ई-लाइब्रेरी पर महापंडित राहुल सांकृत्यायन का नाम गलत लिखे जाने का मामला सामने आने के बाद निगम ने शनिवार को अपनी गलती सुधार ली। गलत नाम वाला बोर्ड हटाकर सही नाम का नया बोर्ड लगा दिया गया। ई-लाइब्रेरी के नए भवन पर शुक्रवार को नाम अंकित करते समय सांकृत्यायन गलत लिखा गया था। मामला सामने आने पर पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने नगर निगम के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए गलत नाम हटाकर सही नाम लगाने को कहा। इसके बाद निगम ने तत्काल नया बोर्ड तैयार कराया और शनिवार को उसे लगा दिया। वर्ष 2013 में नगर निगम कार्यकारिणी ने पुस्तकालय का नाम महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम पर रखने का निर्णय लिया था। करीब 13 साल बाद भवन पर नाम अंकित हुआ लेकिन पहली बार में ही नाम गलत लिखे जाने से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।