प्रबंध निदेशक शंभु कुमार ने कहा है कि 112 मजरों में 1128 नए कनेक्शन दिए जाने थे, जबकि झटपट पोर्टल पर मात्र 411 आवेदन ही प्राप्त हुए, जो लक्ष्य का केवल 36.43 प्रतिशत है। इसे अत्यंत खराब प्रगति बताते हुए उन्होंने कहा कि 35 मजरों में 435 कनेक्शनों की व्यवस्था की गई, लेकिन इनमें भी केवल 285 कनेक्शन ही जारी किए जा सके, जो 65.52 प्रतिशत है।
रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत मजरों तक बिजली पहुंचाने की योजना में बेहद धीमी प्रगति पर पूर्वांचल बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। खराब प्रदर्शन पर बिजली वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता केके राठौर और कैंपियरगंज के अधिशासी अभियंता संजय कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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बिजली वितरण मंडल प्रथम क्षेत्र में सर्वे के आधार पर 112 मजरों के 1128 घरों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष अब तक केवल 35 मजरों के 435 परिवारों तक ही बिजली व्यवस्था पहुंच सकी है, जिससे योजना की प्रगति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधीक्षण अभियंता को जारी नोटिस में प्रबंध निदेशक ने कहा है कि 112 मजरों में 1128 नए कनेक्शन दिए जाने थे, जबकि झटपट पोर्टल पर मात्र 411 आवेदन ही प्राप्त हुए, जो लक्ष्य का केवल 36.43 प्रतिशत है। इसे अत्यंत खराब प्रगति बताते हुए उन्होंने कहा कि 35 मजरों में 435 कनेक्शनों की व्यवस्था की गई, लेकिन इनमें भी केवल 285 कनेक्शन ही जारी किए जा सके, जो 65.52 प्रतिशत है।