गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने लगातार तीसरे दिन अहम निर्णय लिया। प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी को वरिष्ठता क्रम के आधार पर रसायन विज्ञान विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया।
गोविवि के रसायन विज्ञान की प्रोफेसर आफशां सिद्दिकी को वरिष्ठता के चक्रानुक्रम में 3 जुलाई को विभागाध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. सुधा यादव से कार्यभार ग्रहण किया था। विभागाध्यक्ष बनाए जाने से पहले और उसके बाद भी उन्होंने गोविवि प्रशासन से आग्रह किया था कि उन्हें विभागाध्यक्ष न बनाया जाए। इसे देखते हुए तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने उनसे विभागाध्यक्ष पद वापस लिए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद 1 सितंबर को तत्कालीन कुलसचिव प्रो. अजय सिंह ने आदेश जारी किया कि अब अगले आदेश तक विभागाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अधिष्ठाता विज्ञान संकाय के पास रहेगी।
अधिष्ठाता विज्ञान संकाय का भी दायित्व प्रो. अजय सिंह के ही पास है। जबकि चक्रानुक्रम में प्रो. उमेश त्रिपाठी का विभागाध्यक्ष बनने का नंबर था। इसकी जानकारी होने पर कुलपति ने कुलसचिव को नियमानुसार कार्रवाई का आदेश दिया। इसके अनुपालन में शुक्रवार को प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी के विभागाध्यक्ष बनाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया।
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प्रो. सुधीर श्रीवास्तव ने संभाला कार्यभार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चियन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक बनाए गए प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।