संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। स्व-वित्तपोषित प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डाॅ. कृष्ण मुरारी पाल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कुलपति से मिला। विवि से संबंधित 355 काॅलेजों में सेवा देने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों की समस्या से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और प्राचार्यों का परीक्षा के विभिन्न मदों में (उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन, परीक्षा ड्यूटी ,उत्तर पुस्तिका बंडल पहुंचने का यात्रा व्यय, कोलेशन) तीन वर्ष से भुगतान लंबित है। वार्षिक परीक्षा के साथ सेमेस्टर परीक्षा भी शुरू कराया जाए। आगामी परीक्षा लिखित कराई जाए। सेमेस्टर परीक्षा का अंकपत्र और चार्ट महाविद्यालय को उपलब्ध कराया जाए। स्नातक, स्नातकोत्तर और बीएड पाठ्यक्रम की प्रायोगिक और मौखिकी परीक्षाओं में बिना भेदभाव के स्ववित्तपोषित शिक्षकों को भी परीक्षक नामित किया जाए। महाविद्यालयीय समस्याओं के निराकरण के लिए आधिकारिक ई-मेल और वॉट्सएप नंबर जारी करते हुए इसके लिए एक सेल का गठित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में डाॅ. केपी चौरसिया, डाॅ. अशोक श्रीवास्तव, डाॅ. भूपेश सिंह, डाॅ. प्रमोद कुमार तिवारी, डाॅ. सर्वेश दुबे, डाॅ. महेश गौड़, डाॅ. महेश मणि, डाॅ. उमेश कुमार, डाॅ. बलराम सिंह, डाॅ. अविनाश पांडेय, डाॅ. अशोक कुमार आदि शामिल रहे।