सहजनवां विधायक ने विधानसभा में उठाया मानचित्र स्वीकृति तथा अकृषक जमीनों का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गीडा क्षेत्र में अधिसूचित गांवों की जमीनों का मानचित्र स्वीकृति किए जाने और जमीनों को अकृषक घोषित किए जाने का मुद्दा बृहस्पतिवार को विधानसभा में उठा। प्रश्नकाल के दौरान सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखा।
विधायक ने बताया कि गीडा के अधिसूचित गांवों में जहां अभी गीडा द्वारा अधिग्रहण नहीं किया गया है, उन सभी गांवों में मानचित्र स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। किसानों की जमीन को धारा 80 के तहत अकृषक भी घोषित नहीं किया जा रहा है। किसानों को अपनी जमीन पर गीडा की अनुमति के बिना सिर्फ खेती करने का अधिकार है। गीडा की स्थापना हुए 34 वर्ष हो गए हैं। तीन दशक पूर्व मानचित्र स्वीकृति के लिए नियम यह था कि डीह की आबादी से 50 मीटर के अंदर ही मानचित्र स्वीकृत कर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। तीन दशक बाद वर्तमान समय में डीह की आबादी का व्यापक विस्तार हो चुका है। अब प्राधिकरण द्वारा डीह आबादी की सीमा के निर्धारण में ही अत्यधिक समस्या आ रही है। जिसके कारण मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं।