विष्णु त्रिपाठी संवाद न्यूज़ एजेंसी गोरखपुर। लंबे समय से पेंडिंग चल रहे मुकदमो में अब पुलिस एफआर लगाकर फ़ाइल बन्द करेगी। पुलिस अब ऐसे मुकदमो की सूचि बना रही है। सूचि बनाकर पुलिस उस मुकदमे के वादियों से बात कर उन्हें विश्वास में लेकर कोर्ट में एफआर लगाएगी। इन मुकदमो में राजघट के पांडेय हाता में दो वर्ष पूर्व 3 नवम्बर 2018 की शाम घर में ही गला रेतकर युवती रश्मि पांडेय की हत्या का मामला और केंट के भैरोपुर स्थित दवा विक्रेता रंजीत की 22 अगस्त 2019 में घर में ही रात में सोते समय गोली मारकर हत्या के मामले भी शामिल है। एक मुकदमे में रश्मि के पिता ने अज्ञात के खिलाफ तो दूसरे में भाई संजीव ने अपने पिता समेत चार पँर शक जताया था। जाँच में अबटक पुलिस को कुछ नही मिला। जिससे आरोपित जेल जा सके। अब पुलिस इन मुकदमो के वादियों से बातचीत भी शुरू कर चुकी है। उम्मीद है जल्द ही वादियों के सहमति के बात एफआर लग जायेगा।दरअसल सेकड़ो मुकदमे की बिबेचना लंबे समय से पेंडिग पड़ी है । जिसमे न तो आरोपित गिरफ्तार हुए, न कोई सुराग मिला और न ही कोई साक्ष्य मिले है । जिससे पुलिस किसी निष्कर्ष पर नही पहुच पायी। इसलिए अब इन मुकदमो में एफआर लगकर फाइलों को बन्द किया जायेगा। मुकदमो के गुड़ दोष, किस स्तर पर जांच है, आगे क्या साक्ष्य मिलने की संभावना है इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सूचि तैयार की जा रही है। एफआर लगाने से पहले अभियोजन के वकील से भी पुलिस राय लेगी। वही इससे पहले के भी कई केस है जिनमे पुलिस किसी नतीजे पर नही पहुच सकी है। सबकी सूचि तैयार की जा रही है। 00 जिले की दस मुकदमें 2010 या उसके बाद से लंबित है जिले के करीब दस मुकदमें ऐसे है जिनमे से तीन 2010 से तो एक 2011 से तो वही दो दो मुकदमें वर्ष 2013, 14 व् 16 से लंबित है। जिसमें 30 सितंबर 2015 को में हुए शाहपुर इलाके के रामजानकी नगर में कार से घर जा रहे एक बैंक के रीजनल मैनेजर दीना नाथ की हत्या कर दी गयी। 00 7349 मामले रेंज में लंबित है मई 2020 को मिले आंकड़े के अनुसार रेंज के गोरखपुर, देवरियया, कुशीनगर और महराजगंज में कुल 7349 पुराने मामले लंबित है। इनमें से कई हत्या, लूट आदि के है। 00 वर्जन जो मुकदमें लंबे समय से लंबित है और उनमें कोई विवेचना में प्रगति नही है। उसकी सूचि बनाकर , वादियों के सहमति से गुड़ दोष के आधार पर एफआर लगाने का निर्देश दिया गया है। -डॉ सुनील गुप्ता , एसएसपी