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Gorakhpur News: चार दिवसीय छठ आज से...नहाय-खाय से होगा शुरू, पहले दिन बनेगा 'कद्दू भात'

Mon, 04 Nov 2024 10:46 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

दिवाली के बाद एक बार फिर घर और रसोई की सफाई में महिलाएं जुट गई हैं। यह पर्व वर्ष में दो बार चैत्र मास और कार्तिक मास में मनाया जाता है।ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि नहाय खाय के दिन पांच नवंबर को व्रती महिलाएं पास की नदी या तालाब में स्नान करने के बाद घर पर कद्दू और चावल का ‘कद्दू भात’’ बनाएंगी।
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छठ पूजा के पर्व की शुरुआत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत पांच नवंबर मंगलवार से नहाय खाय से शुरू होगी। सात को डूबते और आठ नवंबर को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पर्व में व्रत, उपवास, पूजा और अर्घ्य की प्रक्रिया में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। दिवाली के बाद एक बार फिर घर और रसोई की सफाई में महिलाएं जुट गई हैं।

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यह पर्व वर्ष में दो बार चैत्र मास और कार्तिक मास में मनाया जाता है।ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि नहाय खाय के दिन पांच नवंबर को व्रती महिलाएं पास की नदी या तालाब में स्नान करने के बाद घर पर कद्दू और चावल का ‘कद्दू भात’’ बनाएंगी।

व्रती महिलाएं रात में जमीन पर सोती हैं और सांयकाल एक समय कुछ प्रसाद ग्रहण करती हैं। खरना छह नवंबर को मनाया जाएगा। सात नवंबर को निर्जल उपवास का दिन है। इसदिन व्रती महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को शाम पांच बजकर 29 मिनट पर सूर्यास्त पर अर्घ्य देंगी। अर्घ्य देने के बाद प्रसाद सामग्री को घर लाया जाता है और रात में जागरण कर माता षष्ठी की कहानी सुनाई जाती है।
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बहुत से घरों में कोसी भरने की परंपरा भी होती है। आठ नवंबर को सूर्योदय के समय सुबह छह बजकर 32 मिनट पर अर्घ्य देकर माता षष्ठी देवी को विदाई दी जाएगी। श्रीहनुमत ज्योतिष सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष पंडित व ज्योतिषाचार्य बृजेश पांडेय ने बताया कि इस पर्व के चारों दिन हर्षोल्लास का माहौल रहता है।

सूर्यास्त और सूर्योदय पर अर्घ्य के समय नदी और तालाब के किनारे का दृश्य अद्भुत होता है। नदी-तालाबों और पोखरों के किनारे भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोग इकट्ठा होते हैं। कई लोग घरों में गड्ढे खोदकर छठ मैया की पूजा करते हैं। इधर, छठ के सामान की खरीदारी शुरू हो गई है। इससे जाम भी लग रहा है।

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