गोरखपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के मौके पर गर्भवती को सिर्फ एसएमएस और क्यूआर कोड दिखाकर अल्ट्रासाउंड की सुविधा निजी केंद्रों पर भी मिलने लगी है। सुविधा का लाभ महीने की पहली, नौ, 16 और 24 तारीख को दी जा रही है। डॉक्टर की सलाह पर ही यह बाउचर जेनरेट कर एसएमएस या क्यूआर कोड गर्भवतियों को दी जाती है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच में अल्ट्रासाउंड की अहम भूमिका होती है। जिले में जिन स्वास्थ्य इकाइयों पर अल्ट्रसाउंड की सुविधा नहीं है उनके नजदीक के निजी केंद्र को संबद्ध कर गर्भवती को सरकारी नियमों के अनुसार अल्ट्रसाउंड की सुविधा दिलाई जा रही है। माह के नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत सीएचसी और पीएचसी दोनों इकाइयों पर आने वाली गर्भवती को आवश्यकतानुसार यह बाउचर दिया जाता है, जबकि एक, 14 और 24 तारीख को सिर्फ सीएचसी और जिला महिला अस्पताल पर आने वाली गर्भवती को यह बाउचर अल्ट्रासाउंड के लिए दिए जाते हैं। अल्ट्रासाउंड के जरिए गर्भ में बच्चे की स्थिति और उसके विकास की स्थिति पता चल जाती है। यह सेवा जच्चा बच्चा मृत्यु दर को कम करने में मददगार है।
ऐसे जेनरेट होता है बाउचर
सीएमओ ने बताया कि इस वक्त 10 निजी केंद्र जिले में यह सेवा दे रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी आने वाली गर्भवती को चिकित्सक जब अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं तो वहां के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर द्वारा डॉ. सूर्य प्रकाश को सूचना दी जाती है और जिला स्तर से ही एक से डेढ़ घंटे में ई-रुपये बाउचर जेनरेट कर लाभार्थी को दिया जाता है। स्मार्ट फोन वाले लाभार्थी के पास क्यूआर कोड चला जाता है, जबकि सामान्य फोन वाले लाभार्थी को एसएमएस भेजा जाता है।