जिला महिला अस्पताल में खराब लिफ्ट के खुलने का इंतजार करते
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गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में गर्भवतियों और प्रसूताओं की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्ट के खराब है। मरीजों को सीढ़ी से होकर तीसरी और चौथी मंजिल तक चढ़ना पड़ता है। यहां तक कि उपर की मंजिल में भर्ती मरीजों के परिजनों को खाना लेने आने के लिए भी सीढ़ी से चढ़ना-उतरना पड़ता है। वहीं जिम्मेदार इसके लिए केवल कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही बताकर चुप्पी साधे हुए हैं।
महिलाओं को बेहतजर इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए शासन ने महिला अस्पताल परिसर में ही 100 बेड का मैटर्निटी विंग बनवाया है। यहां हर दिन 15 से 20 प्रसव होते हैं। इसके अलावा 100 से अधिक गर्भवती व अन्य महिलाएं जांच के लिए आती हैं।
जांच के लिए मरीजों को दूसरे तल पर जाना पड़ता है। अस्पताल में दो लिफ्ट लगी हुई है, जिसमें से एक खराब पड़ी है। मरीजों व तीमारदारों की अधिकता के कारण इस लिफ्ट में भीड़ अधिक होती है। इस कारण इंतजार के अलावा दूसरा विकल्प सीढ़ी से जाना ही रहता है।
जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ जय कुमार ने बताया कि लिफ्ट खराब हाेने की सूचना मिली है। लिफ्ट जिस कम्पनी द्वारा संचालित कराई गई थी, वे इसका मेंटेनेंस नहीं कर रहे हैं। जल्द ही इसको सही करवा लिया जाएगा।