असल में ठंड के मौसम में शरीर का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है। इस मौसम में ठंडी हवा और उसमें मौजूद नमी बीमारी का कारण बन सकती है। साथ ही सुबह स्मॉग और धुंध भी ज्यादा होती है, जो सांस के जरिये आपके शरीर के अंदर चली जाती है। फिर यही ठंडी हवा और जहरीली गैसें हार्ट और लंग्स से जुड़ी बीमारियों का कारण बनती हैं।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते गोरक्षनगरी पिछले एक सप्ताह से ठंड की चपेट में है। रात का तापमान सामान्य से दो-तीन डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। दिन में हल्की धूप निकल तो रही है लेकिन बर्फीली हवा के चलते बेअसर साबित हो रही है। जिसके चलते वातावरण में नमी बनी हुई है। जिसका असर एयर क्वालिटी इंडेक्स पर पड़ रहा है।
शनिवार को एक्यूआई का स्तर 162 दर्ज किया गया। जबकि रविवार को सुबह 10 बजे 148 दर्ज किया गया। रात में 9 बजे एक्यूआई 144 रहा। एमएमएमयूटी वायु गुणवत्ता सूचकांक के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. एके मिश्रा का कहना है कि वातावरण में नमी के चलते वायुमंडल में फैला कण ऊपर नहीं जा पा रहा है। जिसके चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में सुबह शाम टहलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
हार्ट पेशेंट सुबह टहलने से बचें
फिजीशियन डॉ. राजीव जायसवाल का कहना है कि सर्दियों में मॉर्निंग वाक पर जाने से दिल के मरीजों को पूरी तरह से बचना चाहिए। असल में शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इससे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
छह दिन में एक्यूआई का स्तर
12 दिसंबर 148
13 दिसंबर 124
14 दिसंबर 113
15 दिसंबर 145
16 दिसंबर 162
17 दिसंबर 145