गोरखपुर में दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराकर वसूली करने वाले नफीसा गिरोह पर कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद पुलिस हरकत में तो आई, लेकिन सवालों के घेरे में भी आ गई।
पुलिस ने शनिवार को दर्ज केस की नामजद दो आरोपी महिलाओं को थाने बुलाया और पूछताछ के बाद रविवार को छोड़ दिया, जिसके बाद से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि केस की जांच में तेजी आई है, इसी सिलसिले में बुलाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज के निवासी खालिद की शिकायत पर कैंट पुलिस ने सात अगस्त को नफीसा गिरोह के सात लोगों पर केस दर्ज किया था। सभी को झूठा मुकदमा दर्ज कराने, फर्जी साक्ष्य एकत्र करने, आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया।
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यह मुकदमा भी दो सीओ की जांच के बाद दर्ज किया गया था। लेकिन, इस प्रकरण में केस दर्ज होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच गत दिनों आरोपी बनाए गए गिरोह के कुछ लोग हाईकोर्ट में पहुंच गए और मुकदमे को रद करने की गुहार लगाई।
मामले को गंभीर बताते हुए हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया और अब तक हुई कार्रवाई के साथ एसएसपी को 18 अक्तूबर को तलब कर लिया। इसके बाद पुलिस हरकत में तो आ गई, लेकिन एक बार आरोपियों के थाने से आकर लौट जाने से तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। हालांकि, एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि इस मामले में किसी को पकड़ा नहीं गया था। प्रकरण की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।