गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर, सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले ने गुलरिहा पुलिस की नींद हराम कर दी है। इस मामले के मुख्य आरोपी देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बलिया के बरवा रत्तीपट्टी के लिपिक संजीव सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
वे मोबाइल बंद कर अंडरग्राउंड हो गए हैं। इधर, एसपी सिटी ने पुलिस की चार टीमें गठित कर दी हैं, जो बलिया, लखनऊ, प्रयागराज और देवरिया में चिन्हित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की है। मुख्य आरोपी लिपिक संजीव सिंह मूल रूप से बलिया के बरवा रत्तीपट्टी का रहने वाला है, जबकि शालिनी श्रीवास्तव बलिया के आनंदनगर की निवासी हैं।
पुलिस दोनों के संभावित ठिकानों और करीबी संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस ने मामले में वित्तीय लेन-देन की कड़ी को भी प्रमुखता से जांच में लिया है। पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह समेत छह लोगों के बैंक खातों का विस्तृत स्टेटमेंट मंगवाया गया है।
इन छह खातों में बीएसए शालिनी, लिपिक संजीव, गिरफ्तार पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह, शिक्षक अपर्णा तिवारी, ओंकार सिंह और मृतक कृष्ण मोहन सिंह के बैंक खाते शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में वित्तीय लेन-देन का जिक्र किया गया है, इसलिए संबंधित खातों में रकम के ट्रांजेक्शन को अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
बैंक विवरण मिलने के बाद पुलिस उन व्यक्तियों से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने उक्त खातों में पैसा ट्रांसफर किया है। वित्तीय लेन-देन की समय-रेखा और संबंधित बयानों का मिलान कर पुलिस पूरे कनेक्शन को सामने लाना चाहती है।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने मीडिया को बताया कि मामला बेहद गंभीर है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कॉल डिटेल में बाबू और शिक्षकों बातचीत के मिले साक्ष्य
पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच में मृतक शिक्षक और सह-शिक्षकों के बीच हुई लगातार बातचीत के सबूत भी सामने आए हैं। इससे मामला और पेचीदा हो गया है। सूत्रों का कहना है कि बातचीत के दौरान कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जो सुसाइड नोट में लिखी गई वित्तीय लेन देन और अन्य आरोपों से सीधे जुड़े हुए हैं।