आसमान में विमान देखते ही हुआ अलर्ट-पोजीशन लें..आ गए पीएम
पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर उतरते ही बजने लगा पुलिस का वायरलेस
अफसरों की एक ही चेतावनी, चूक न होने पाए, हो जाएं सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पीएम मोदी का विमान एयरपोर्ट पर उतरने से लेकर फिर उड़ने तक पुलिस और प्रशासन के अफसरों की सांसें थमी रहीं। जैसे ही विमान आसमान में उठता दिखा, तब साहब से लेकर थानेदार तक सबकी जुबान पर एक ही बात थी-खैरियत है...सब सही से निपट गया। पीएम के आने से जाने तक पूरा सिस्टम खुद सावधान रहने के साथ एक-दूसरे को अलर्ट भी करता रहा। कंट्रोल रूम में गूंजता रहा-सबकी लोकेशन लें, सतर्क करें, प्रधानमंत्री जी आ गए हैं, सुरक्षा में चूक नहीं होनी चाहिए..।
दोपहर में 2.10 बजे के करीब आसमान में पीएम मोदी के विमान को देखते ही एसएसपी ने पुलिस वालों को कुछ इसी अंदाज में सतर्क किया। वायरलेस घनघनाते ही पुलिस वाले भी सतर्क हो गए और फिर गाड़ियां दौड़ने लगीं। फ्लीट के पहले इमरजेंसी वाहनों ने संकेत दे दिया कि पीएम का काफिला आने वाला है। फिर क्या, एक-एक चौराहे से पीएम का काफिला गुजरा। कहीं पर भी कोई चूक नहीं हुई और फिर शाम में पीएम के उड़ने के बाद पुलिस कप्तान डॉ. गौरव ग्रोवर ने सभी की सराहना भी वायरलेस से ही की।
जानकारी के मुताबिक, गीता प्रेस जैसी घनी आबादी में पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम होने की वजह से पुलिस विशेष सतर्क थी। एलआईयू की गोपनीय रिपोर्ट भी थी कि घनी आबादी से पीएम मोदी को खतरा हो सकता है। इस वजह से पुलिस अफसर सतर्क थे। अतिरिक्त फोर्स के साथ ही गीता प्रेस और आसपास के घरों की छतों पर पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। वैसे तो काफिला तेजी से गुजरता है, लेकिन मोदी ने लोगों के उत्साह को देखते हुए धीरे करा दिया था।
इस वजह से अफसर, वाहनों के पीछे खुद पैदल जाते नजर आए। शहर से पीएम और सीएम के जाने के बाद एक बार फिर एसएसपी वायरलेस पर आकर सभी पुलिस वालों को ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित किए। उधर, ड्यूटी से छूटने के बाद पुलिस वाले भी सीधे ट्रैफिक को संभालने में जुटे और फिर शाम छह बजे के बाद शहर का यातायात सामान्य होने के बाद राहत की सांस ली। बाहर से आए पुलिस वालों को शुक्रवार की शाम में ही रवाना भी होना था, इस वजह से उनकी ड्यूटी खत्म होते ही उनके कमांडर बनाए गए एडिशनल एसपी ने जाने की मंजूरी दे दी।
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जरूरत होने पर ही लोग निकले सड़कों पर, एक घंटे थमे रहे पहिए
शहर में स्कूल, कॉलेज बंद थे तो डायवर्जन की वजह से लोग भी सड़कों पर कम ही निकले। शहर में सभी जगहों पर सड़कों पर लोगों की भीड़ कम नजर आई। लेकिन पीएम के आने और जाने के समय आधे-आधे घंटे तक जीरो ट्रैफिक किया गया था। जिन रास्तों से पीएम को गुजरना था, वहां पर वाहनों को रोक दिया गया था। शाम में पीएम के जाने के समय पैडलेगंज में ही वाहनों को रोक दिया गया था, ताकि मोहद्दीपुर में अचानक भीड़ न होने पाए। हुआ भी यही, पीएम का काफिला जब कूृड़ाघाट पार कर गया, तब पैडलेगंज से लोगों को आगे बढ़ने की अनुमति मिली और जब तक वह मोहद्दीपुर पहुंचे तब तक जाम खत्म हो गया था। कुछ यही काम पुलिस ने कूड़ाघाट और रजही के पास भी किया था। आधे घंटे पहले रजही के पास ही वाहनों को रोक दिया गया था। इधर कूड़ाघाट तिराहे से काफी पहले वाहन रोका गया था।
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चलो! चले गए पीएम...अब थाने का काम निपटाएं
एक ओर जहां पुलिस वालों ने पीएम नरेंद्र मोदी के जाने के बाद राहत की सांस ली तो वहीं थानेदारों को उनके थाने की याद भी आ गई। वह यहीं कहते सुने गए कि चलो पीएम का कार्यक्रम तो सकुशल निपट गया, लेकिन अब थाने पर चलने की जरूरत है। पता नहीं क्या हुआ होगा। शहर में आए देहात के थानेदार पीएम मोदी के जाते ही अपने-अपने थाने की ओर रवाना हो गए।