- वंदे भारत एक्सप्रेस में जितना उत्साह रहा भीतर, उससे कहीं ज्यादा नजर आया बाहर
- भींगते हुए लोगों ने सहजनवां, खलीलाबाद सहित अन्य जगहों पर किया भव्य स्वागत
- हर स्टॉपेज पर सैकड़ों लोगों की भीड़, लोको पायलट संग ली सेल्फी, फूल मालाओं से किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर एक से शुक्रवार को पीएम मोदी ने सुहाने सफर की खुशियों को हरी झंडी दिखाई। वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को लेकर सुबह से ही उत्सव का माहौल बना रहा। लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, क्रू मेंबर, रेलवे कर्मचारी, आमंत्रित सदस्य और स्कूली बच्चे सभी पीएम के आगमन और उनके हरी झंडी दिखाने का इंतजार कर रहे थे। पीएम ने ट्रेन को रवाना किया तो भीतर मौजूद हर किसी का चेहरा खिल गया।
वंदे भारत एक्सप्रेस को लखनऊ तक ले जाने के लिए लोको पायलट जेके शर्मा और आरके भारती दोपहर 1:50 बजे पहुंच गए। ट्रेन मैनेजर आरके सिंह भी अपने सहयोगियों संग मौजूद रहे। ट्रेन से लखनऊ तक का सफर करने वाले लोगों की जांच करके उनको बिठाया गया। इसमें रेलवे कर्मचारी, स्कूल बच्चे, उनके अध्यापक और अभिभावक, क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता, परामर्शदात्री समिति पूर्वोत्तर रेलवे के 11 सदस्य, कर्मचारी सहित अन्य लोग अपनी सीटों पर जाकर बैठ गए। वंदे भारत के कोच सी वन और सी टू में स्कूली बच्चे बैठे। इन दोनों कोच को पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। दोपहर 3:19 बजे ट्रेन के भीतर एनाउंसमेंट शुरू किया गया। कोच में लगे टीवी स्क्रीन पर गोरखपुर लखनऊ का डिस्प्ले भी शुरू हो गया। इसके बाद यह लगने लगा कि कुछ ही पल में ट्रेन रवाना होगी। शाम 4:47 बजे जैसे ही ट्रेन चली तो लोगों ने इस पल को मोबाइल में कैद करना शुरू कर दिया। ट्रेन में सवार स्कूली बच्चों ने तालियां बजाकर खुशी जताई।
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जितना भीतर उत्साह, उससे कहीं ज्यादा बाहर आया नजर
ट्रेन में सवार लोगों में जितना उत्साह नजर आया। उससे कहीं ज्यादा बाहर का माहौल बना रहा। ट्रेन के प्लेटफाॅर्म से रवाना होने पर धर्मशाला, तरंग गेट, डोमिनगढ़ सहित अन्य जगहों पर इसे देखने के लिए लोग उत्साहित नजर आए। सहजनवां और खलीलाबाद रेलवे स्टेशनों पर पहले से जुटे लोगों ने ट्रेन के पहुंचने पर इसका भव्य स्वागत किया। लोको पायलट को फूल माला पहनाया, बुके दिया।बारिश होने के बावजूद लोग प्लेफार्म पर डटे रहे। हर कोई ट्रेन का पहला दीदार करने को बेताब दिखा। स्टेशनों पर ट्रेन पहुंची तो लोगों ने खूब नारे लगाए।
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पता नहीं चल रहा, कब आ गया स्टेशन
वंदे भारत ट्रेन जब चली तो इसकी खासियतों की वजह से चलने का अंदाजा नहीं लग रहा है। जंक्शन से छूटते ही ट्रेन अपनी रौ में आ गई। पटरियों के खटरपटर की आवाज से मुक्त, बिना किसी झटके के आरामदायक सीटों पर सफर का अलग ही मजा है। तेज रफ्तार होने के बावजूद इसके चलने का सहज अंदाजा लगा पाना मुश्किल रहा। हर कोई इसकी खूबियों को लेकर चर्चा करता रहा। खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी तो कोच सी वन में सवार लखनऊ के एक कॉलेज की टीचर श्रुति सिंह और अरुण यादव ने कहा कि पता नहीं चला कि कब स्टेशन आ गया। स्टेशनों से ट्रेन के गुजरने के बाद भी लोग इसके बारे में बात करते नजर आए।
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इन खूबियों को लेकर बना रहा कौतूहल
ट्रेन के कोच दरवाजे सेंसर वाले हैं, जो यात्री के आने पर अपने आप खुल जाते हैं। सुरक्षा को लेकर ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सीटों के नीचे मोबाइल चार्जिंग प्वॉइंट हैं। खाना गर्म करने और ठंडे पानी की सुविधा भी कोच में दी गई है। आमने-सामने की सीट के बीच फोल्डिंग टेबल की सुविधा भी है। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि से जानकारी कोच के गेट पर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पायलट व ट्रेन स्टाफ से बातचीत के लिए सिस्टम है। उसके लिए वाईफाई की सुविधा भी ट्रेन में दी गई है। इसके अलावा टीवी स्क्रीन पर डिस्पले की सुविधा है। ट्रेन में सवार क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता, परामर्शदात्री समिति के पंकज श्रीवास्तव, भूपेश पांडेय, संतोष जायसवाल, विजय सोनी, प्रिया कुमारी, राजेश शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि ट्रेन का सफर काफी सुखद है। अभी कोई कमी नहीं मिली है। लखनऊ पहुंचने के बाद इसकी खूबियों और खामियों को एनईआर के जीएम संग होने वाली अगली बैठक में अवगत कराया जाएगा।
सहजनवां वंदे भारत
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चालक राजेश कुमार भारती को फूल सौंपा
सहजनवां। गोरखपुर से रवाना हुई वंदे भारत ट्रेन शाम पांच बजे सहजनवां रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां पहले से मौजूद सैकड़ों लोगों ने ट्रेन का स्वागत किया। नगर पंचायत अध्यक्ष संजू सिंह के नेतृत्व में भाजपाइयों ने चालक राजेश कुमार भारती को फूल सौंपा। इस दौरान पूर्व विधायक देव नारायन उर्फ जीएम सिंह, धीरज मस्करा, पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, गोपाल गुप्त, परशुराम शुक्ला, कैप्टन ओम प्रकाश मिश्र, मनोज जायसवाल आदि मौजूद रहे। संवाद