गोरखपुर गीता प्रेस से प्रकाशित शिव महापुराण का विशिष्ट अंक छपकर तैयार हो गया है। 200 रंगीन शिव लीला चित्रों वाले इस विशिष्ट अंक का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समापन समारोह के दौरान करेंगे। 1,088 पृष्ठ की इस पुस्तक का मूल्य 1,500 रुपये रखा गया है। पहले संस्करण में पांच हजार पुस्तकें प्रकाशित की गई हैं।
गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लालमणि तिवारी ने बताया कि गीता प्रेस से अब तक शिवपुराण की विभिन्न भाषाओं में लाखों प्रतियां छप चुकी हैं, लेकिन 200 रंगीन लीला चित्रों के साथ आर्ट पेपर पर शिव महापुराण के प्रकाशन पहली बार हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रयोग के तौर पर हनुमान चालीसा को सर्वप्रथम आर्ट पेपर पर चित्रों के साथ छापा गया था। इसके बाद श्रीमद्भागवत गीता, रामचरितमानस, दुर्गा सप्तशती, सुंदर कांड और अब शिव पुराण को छापा गया है।
लगभग 22.5 लाख प्रतियां हो चुकी हैं प्रकाशित
शिव महापुराण की अब तक 22.5 लाख से अधिक प्रतियां हिंदी, गुजराती, बांग्ला, तेलुगू, कन्नड़, तमिल और उड़िया भाषा में प्रकाशित हो चुकी हैं। गीता प्रेस से अब तक सात भाषाओं में शिव महापुराण का प्रकाशन हो चुका है। जिनमें सबसे ज्यादा हिंदी, दूसरे स्थान पर गुजराती भाषा की प्रतियां छापी गई हैं।