गोरखपुर। नई शिक्षा नीति में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर खास जोर देने की कोशिश है। पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को नौकरी मिले इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ही नहीं उससे संबद्ध काॅलेजों में भी अब प्लेसमेंट सेल का गठन किया जाएगा। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। काॅलेजों ने सेल के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
सत्र 2024-25 से डीडीयू में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। हर पाठ्यक्रम रोजगापरक हो, इसके लिए इससे कौशल विकास के पाठ्यक्रमों को भी जोड़ा जा रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों को सलाह दी गई है कि स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक यदि कोई कौशल विकास का पाठ्यक्रम उपयोगी है तो उसे वह अपने काॅलेज में विशेष तौर पर संचालित कर सकते हैं।
कौशल विकास का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने काॅलेजों को प्लेसमेंट सेल का गठन करने को कहा है। यदि किसी काॅलेज को प्लेसमेंट सेल के गठन में कोई समस्या आएगी तो उसमें विश्वविद्यालय प्रशासन का ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल मदद करेगा।
नई शिक्षा नीति के अनुपालन में अधिक से अधिक कौशल विकास का पाठ्यक्रम संचालित करने पर जोर है। इसके साथ ही अध्ययन के दौरान विद्यार्थियोें को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने को ध्यान में रखकर कौशल विकास के पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं। काॅलेज के विद्यार्थियों को भी इस योजना का फायदा दिलाने के लिए शासन के दिशा-निर्देश पर प्लेसमेंट सेल के गठन के निर्देश दिए हैं।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय