फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था पिपराइच का युवक

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
खातों का ब्योरा जुटा रही एटीएस, 16 मई को राम सिंह को लिया था हिरासत में
एटीएस ने तीन बैंकों से दो वर्ष का ब्योरा मांगा, बैंक डिटेल की होगी मिलान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आए पिपराइच के रमवापुर निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी राम सिंह के बैंक खाते से हुई रकम की लेनदेन का ब्योरा जुटाने के लिए तीन बैंकों से संपर्क साधा है। इन बैंकों से राम सिंह के खाते से बीते दो वर्ष के लेन-देन के बारे में जानकारी मांगी गई है। बैंक से जानकारी आने के बाद राम सिंह की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।
राम सिंह की पाकिस्तानी हैंडलर से संबंध की बात सामने आने के बाद लखनऊ एटीएस सक्रिय हुई। एटीएस ने 16 मई को राम सिंह को पिपराइच के रमवापुर स्थित आवास से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई। सूत्रों की मानें तो तीन दिन की पूछताछ में अभी एटीएस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। चर्चा है कि राम सिंह को आईएसआई ने हनीट्रैप के जाल में पहले फंसाया। इसके बाद उसे ब्लैकमेल कर देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाने लगा। फिलहाल एटीएस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
विज्ञापन




छह माह पहले आया था मैडम का फोन, बेटे से करना चाहती थीं शादी
पिपराइच/रमवापुर (गोरखपुर)। राम सिंह की मां सत्यावति ने बताया-छह माह पहले गोवा से बेटे के मोबाइल से एक मैडम ने फोन कर बात की थी। उन्होंने कहा कि वह मेरे राम को पसंद करती हैं, उससे शादी करना चाहती हैं। मैडम की एक कंपनी हैं, जिसमें वह राम को नौकरी भी देने को कह रही थीं। लेकिन मैंने मैडम को मना कर दिया।
सत्यावति ने कहा-मेरा इकलौता बेटा है, इसकी शादी बहुत सोच समझकर करूंगी, ताकि वह हमेशा मेरे पास रहे। शनिवार को वह बेटे को लेकर बहुत चिंतित थीं। बार-बार गांव के कई लोगों से पूछा कि उनका बेटा कहां होगा, इसपर कोई जवाब नहीं मिला। वह लखनऊ एटीएस मुख्यालय जाने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन


घर बनवाने आया था राम
सत्यावति ने बताया कि फरवरी में राम सिंह गोवा से पिपराइच आया। यहां जमीन का मुवावजा मिला था। जिसे देने में उसके चाचा आनाकानी कर रहे थे। इसलिए वह घर आया। राम के बाबा के अकाउंट में मुआवजे के रुपये आए थे। बातचीत कर उन्होंने 14 लाख रुपये राम को दे दिए। इसके बाद से ही वह रमवापुर में अपना घर बनवा रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें