गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड को तोड़ने की अनुमति चार साल बाद भी नहीं मिली। इसके चलते नए भवन का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है। फाइलों में उलझे इस मामले का नुकसान उन मरीजों को हो रहा है, जिन्हें प्राइवेट वार्ड की जरूरत होती है, लेकिन अस्पताल में इसके लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में बना 32 कमरों का प्राइवेट वार्ड वर्ष 2019 में ही जर्जर हो गया था। इसे तोड़ने और उसकी जगह 80 बेड का दो मंजिला नया भवन बनवाने का प्रस्ताव है। परंतु यह मामला चार साल से फाइलों में ही अटका है। अभी जर्जर भवन को तोड़ने की ही अनुमति नहीं मिल रही है। जबकि, इसके लिए चार बार से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं। अभी पिछले सप्ताह ही फिर से शासन को पत्र भेजकर इसे तोड़ने का आदेश देने की मांग की गई है। भवन टूटने के बाद इस पर नए भवन का निर्माण होना है।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि अपनी तरफ से प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जैसे ही भवन तोड़ने की अनुमति मिलेगी, इसका कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
नेहरू अस्पताल में जल्दी लग जाएंगे कैमरे
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नेहरू चिकित्सालय में मरीज माफियाओं को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जल्दी कैमरा लगवाने का काम शुरू हो जाएगा। एसआईसी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि कैमरा लगवाने के प्रस्ताव पर जल्दी ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।