-राप्ती नदी में बढ़ रहा है जलस्तर
- ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जनपद में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव डूब गए हैं। लोग यातायात के लिए नाव पर ही निर्भर हैं। घर और खेत डूबने की वजह से लोगों को रहने के लिए दूसरी जगहों पर आसरा लेना पड़ रहा है। पशुओं को पालने वाले लोगों को चारा इकट्ठा करने में काफी परेशानी हो रही है। खेत डूब चुके हैं इसलिए पशुओं को भरपेट भोजन तक नहीं मिल पा रहा है। कैंपियरगंज में राप्ती नदी के रेग्युलेटर से रिसाव और सरुआ ताल के पानी में उफान से फसल डूब गयी हैं। जबकि अन्य क्षेत्रों में भी गांव में पानी घुसने की खबर है।
जगतबेला प्रतिनिधि के अनुसार घुंघुनकोठा रेलवे अंडरपास में बारिश का पानी भरने राहगीरों को परेशानी हो रही है। शिकायतों के बाद भी अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। डोमिनगढ़ कोलिया मार्ग पर बाढ़ का पानी लग जाने से अब यही एक मात्र यही मार्ग जो गोरखपुर की ओर जाता है।
खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड खोराबार स्थित खिरवनिया, मंझरिया तथा झरवा गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है, कई घरों में पानी घुस गया है। खिरवनिया गांव में चार टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई लोग मलौनी बांध तथा प्रधान पति रमेश के कटरे में अपना ठिकाना बनाए हैं। प्रशासन ने यहां 24 नावों की व्यवस्था की है।
बांसगांव प्रतिनिधि के अनुसार आमी नदी का जल स्तर बढ़ने से गांव में पानी घुस गया है जिससे सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गांव में कई सड़कों पर पानी भर गया है जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित है। आमी नदी के किनारे पर स्थित दर्जनों गांव सरसोपार, डाडी रावत, भुसवल, करहल, धनपुर,जमौली, आदि जगहों पर पानी पहुंच जाने की वजह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
ब्रम्हपुर प्रतिनिधि के अनुसार समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व प्रभारी चौरीचौरा एडवोकेट मुन्नी लाल यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम बताया कि विकास खंड ब्रम्हपुर का दोआबा क्षेत्र के 52 गांव राप्ती गोर्रा नदी के तटबंधों पर बसे हुए हैं। प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका और अत्यधिक बारिश से कछार की जनता परेशान रहती है।
उनवल प्रतिनिधि के अनुसार खजनी तहसील क्षेत्र के ग्राम जमौली खुर्द व कूंड़ा भरत गांव के एक मौजे में निचले इलाके के कुछ घर आमी नदी के बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गांव के समीप से बहने वाली आमी नदी पर पीपे का पुल बना था जो कि पानी के तेज बहाव से बह चुका है।
चौरीचौरा/ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के अनुसार उपजिलाधिकारी चौरीचौरा प्रशांत वर्मा ने सोमवार को तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली राप्ती नदी पर बने बरही पाथ बांध का निरीक्षण किया और बंधे पर जगह-जगह हुए रेन कट को भरने के साथ बंधों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया। सोमवार को एसडीएम प्रशांत वर्मा ने बरही पाथ बांध के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार पासवान के साथ बंधे का निरीक्षण किया और नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने पाया कि बरसात के कारण बंधे पर जगह जगह रेन कट हो गया है। जिसको भरने के लिए बंधे पर जगह जगह मिट्टी रखी गयी है।
कैंपियरगंज प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के पश्चिमी इलाके में राप्ती नदी और सरुआ ताल के ऊफान से ककटही, मुसाबर, मिरिहिरिया, बहबोलिया, रिगौली गांव की फसल पानी से डूब गयी है और उक्त गांवों के बाहर पानी जमा हुआ है। राप्ती नदी और सरुआ ताल के ऊफान से ककटही, मुसाबर, मिरिहिरिया, बहबोलिया, रिगौली गांव की फसल पानी से डूब गयी है और बाढ़ का पानी गांव के बाहर उक्त गांवों में जमा हुआ है। बहबोलिया प्राथमिक विद्यालय के अन्दर करीब तीन फीट पानी भरा हुआ है। राप्ती नदी और सरुआ ताल के किनारे का गांव हैं दोनों गांवों में राप्ती नदी के रेग्युलेटर से रिसाव और सरुआ ताल के उफान के वजह से गांवों की फसल डूब गयी और बाहर जलजमाव बना हुआ है। कैंपियरगंज एसडीएम रोहित कुमार मौर्य ने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से व्यवस्था व समस्या की जानकारी ली।
चौरीचौरा/झंगहा प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती और गोर्रा नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राहत चौपाल लगाकर लोगों को बाढ़ से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को तहसीलदार निशा श्रीवास्तव ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले ग्राम पंचायत डीहघाट में बाढ़ राहत चौपाल लगाकर संबंधित विभागों से तैयारियों की जानकारी ली और लोगों को बाढ़ से बचाव के प्रति जागरूक किया।