जो यात्री नहीं चढ़ पाए वे पहुंचे रोडवेज बस स्टेशन
गोरखपुर-ऐशबाग और छपरा कचहरी-गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त होने से परेशान हुए यात्री
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी के बाद सोमवार की शाम गोरखपुर से दिल्ली जा रही गोरखधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रियाें की भीड़ और बढ़ गई। वहीं जो इस ट्रेन में नहीं चढ़ पाए, वे बस स्टेशन पहुंचकर लखनऊ जाने वाली बस की तलाश करने लगे।
गोंडा-बुढ़वल खंड पर तीसरी लाइन निर्माण के लिए गोंडा कचहरी और करनैलगंज रेलवे स्टेशनों पर चल रहे कार्य के चलते गोरखपुर से लखनऊ के बीच छह ट्रेनें सोमवार को निरस्त थीं। इसके अलावा नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल गाड़ी गोरखपुर के बजाय वाराणसी रूट से गई। इस वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। रेल प्रशासन ने पहले ही इसकी जानकारी सार्वजनिक की थी। इसके बावजूद तमाम यात्री स्टेशन पर पहुंचे थे।
मार्ग परिवर्तन और निरस्तीकरण की सूचना पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस बार दो दिन पहले ही जारी कर दी थी। स्टेशन के डिस्प्लेबोर्ड पर भी कैंसिल होने वाली ट्रेनों की सूची प्रदर्शित की गई थी। दोपहर बाद तीन बजे प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर यात्री नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
रुस्तमपुर क्षेत्र के रहने वाले अरविंद चौधरी ने बताया कि वैशाली एक्सप्रेस के कुछ देर पहले ही आने वाली इस स्पेशल ट्रेन में अक्सर भीड़ कम होती है, इसलिए इसके स्लीपर कोच में लखनऊ तक बैठकर जाने का मौका मिल जाता है। ट्रेन रात में 10 बजे के करीब गोरखपुर पहुंच जाती है। इसी उम्मीद में वे स्टेशन आए थे, लेकिन यहां आने पर ट्रेन के रूट डायवर्जन की जानकारी मिली तो आनन-फानन भागकर प्लेटफार्म नंबर नौ पर खड़ी गोरखधाम एक्सप्रेस में चढ़ने पहुंचे।
बढ़नी के विजय प्रताप शुक्ल किसी काम से गोरखपुर आए थे। वे गोरखपुर-ऐशबाग एक्सप्रेस से वापस जाने वाले थे, लेकिन स्टेशन पहुंचने पर इस ट्रेन के आज कैंसिल होने की जानकारी मिली।
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ढाई घंटे की देरी से गई पनवेल एक्सप्रेस
गोरखपुर से पनवेल जाने वाली ट्रेन सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे के स्थान पर पौने आठ बजे चली। इस ट्रेन से यात्रा करने वाले दूसरे जिलों के अधिकांश यात्री रात में ही प्लेटफार्म पर पहुंच गए थे। सुबह ट्रेन के देर से चलने की जानकारी हुई। इस ट्रेन को रास्ते में एक घंटे की देरी से चलाया जाना था, लेकिन वह स्टेशन पर ही करीब ढाई घंटे देर से चली।