0- धर्मशाला बाजार की रामलीला में विभिन्न संवाद और मंचन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। धर्मशाला बाजार की रामलीला में बृहस्पतिवार को लंका दहन, विभीषण शरणागति, रामेश्वर सेतु स्थापना, अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया।
इस क्रम में जब माता सीता की खोज में निकले हनुमान जी लंका पहुंचते हैं, तो वहां माता सीता के अशोक वाटिका में होने की सूचना विभीषण से उन्हें मिलती है। अशोक वाटिका में माता सीता के दर्शन करने और उन्हें श्रीराम की सूचना देने के पश्चात भूख लगने पर अशोक वाटिका में पेड़ों पर लगे मीठे व स्वादिष्ट फल खाने लगते हैं।
इस बीच रक्षकों से उनका संघर्ष होता है और फिर उन्हें बांधकर रावण के दरबार में ले जाया जाता है। जब हनुमान जी को दंड देने के लिए उनकी पूंछ में आग लगाई जाती है तो उसी पूछ की आग से उन्होंने सोने की पूरी लंका को जला डाली। फिर विभीषण रावण को समझाते हुए माता सीता को वापस लौटाने की बात करते हैं किंतु रावण ने उन्हें अपमानित करके अपने राज्य से निकाल दिया, तब वह श्रीराम की शरण में आ जाते हैं।
इधर, लंका पर आक्रमण से पूर्व अंगद को दूत बनाकर भेजा जाता है। अंगद रावण के मध्य हुए संवाद का दर्शकों ने बहुत आनंद उठाया। अंगद के बहुत समझाने पर भी रावण नहीं मानता है।
इसी के बाद प्रभु श्रीराम लंका पर आक्रमण करते हैं। आदर्श लीला मंडल अयोध्या धाम के कलाकारों ने मनमोहक अभिनय प्रस्तुति की। इस दौरान शिवशंकर दूबे, डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, विजय तिलक कोरी, राजन चौरसिया, रवि प्रकाश मिश्र आदि मौजूद रहे।