गोरखपुर पुलिस मरीज माफिया मनोज को गोरखपुर से लेकर नेपाल तक खोज रही थी। टीमें गठित कर नेटवर्क खंगाल रही थी कि बुधवार को मनोज कोर्ट में हाजिर हो गया। कोर्ट ने मनोज को 14 दिन के न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
मरीज-एंबुलेंस माफिया गिरोह का सरगना मनोज निगम बुधवार को कोर्ट में हाजिर हो गया। पुलिस की घेराबंदी और दबाव के बीच चकमा देकर कोर्ट में पहुंचे मनोज को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपी से पूछताछ कर उसका बयान दर्ज किया है। उसने पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
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खबर है कि अब भी गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस इनके खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू लेने की कोशिश तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीजों को बरगला कर ईशु अस्पताल में लाने का खुलासा करने के साथ ही पुलिस ने सात लोगों को जेल भेजा था। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मेडिकल कॉलेज के सामने यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भी इसी तरह का मामला सामने आया और फिर आठ लोग जेल भेजे गए थे। दोनों ही केस में मनोज निगम का नाम सामने आया था।
पुलिस की जांच में पता चला कि यही गिरोह का सरगना है। यह एंबुलेंस चलवाता है और मरीज को नर्सिंग होम तक पहुंचाने का मददगार है। मेडिकल कॉलेज में संचालित होने वाले सभी गिरोहों में मनोज की पैठ है और बिना इसके कोई भी मरीज बाहर आ ही नहीं सकता है। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश में जुटी थी।
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पुलिस की ओर से एनबीडब्ल्यू कराने की भी कोशिश की गई, लेकिन इसी बीच इसने हाजिर होने की अर्जी दे दी। इसके नेपाल में भागने की सूचना पर भी पुलिस काम कर रही थी। पुलिस की पूरी कोशिश की थी कि इसकी गिरफ्तारी की जाए, लेकिन चकमा देकर बुधवार को मनोज निगम सीधे कोर्ट में हाजिर हो गया।
तीन दिन से लोकेशन ले रही थी पुलिस, लेकिन खा गई गच्चा
पुलिस को तीन दिन पहले ही जानकारी मिल गई थी कि मनोज नेपाल से निकल चुका है, कोर्ट में हाजिर होने के फिराक में है। पुलिस इस सूचना के बाद से ही अपने खुफिया सूत्रों को भी सक्रिय कर दी थी। कचहरी के आसपास पुलिस ने अपनी मौजूदगी बढ़ा दी थी। कोशिश की जा रही थी कि आरोपी मनोज को दबोच लिया जाए, लेकिन वह आखिरी समय में सफल हो गया। वह किस गेट से घुसा इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। वह सीधे कोर्ट में हाजिर हो गया। हालांकि, यह भी सही है कि पुलिस के दबाव की वजह से ही वह कोर्ट में हाजिर हुआ है।
एसएसपी ग्रौरव ग्रोवर ने बताया कि पुलिस के दबाव की वजह से सरगना मनोज निगम कोर्ट में हाजिर हो गया। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है, जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।