चिड़ियाघर में बब्बर शेर के बाड़े के पास पाथ वे बनाया जाएगा
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चिड़ियाघर के मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बब्बर शेर गुजरात के जंगलों में रहते हैं। वहां पर गर्मी पड़ती है, बारिश भी यहां की तुलना में बहुत कम होती है। बब्बर शेर को चलने के लिए सूखी जमीन पसंद है। लेकिन, तराई क्षेत्र होने के चलते यहां बारिश के समय कीचड़ हो जाती है और शेर के पंजों में फंस जाती है, जिसकी वजह से शेर बाड़े से बाहर नहीं निकलते।
इससे दर्शक तो निराश होते ही हैं साथ ही शेरों स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है क्योंकि चलने से वे स्वस्थ रहेंगे।
चिड़ियाघर में हैं तीन शेर
चिड़ियाघर में इस समय तीन बब्बर शेर हैं। पटौदी यहां शुरुआत से ही है। मरियम की मौत के बाद इटावा से भरत और गौरी को लाया गया था। उस समय यह गर्मी से परेशान हो रहे थे तो इनके बाड़े में एसी की व्यवस्था की गई।
निदेशक चिड़ियाघर विकास यादव ने बताया कि मिट्टी गीली होने और कीचड़ की वजह से कई बार शेर बाड़े से नहीं निकलते, ऐसे में दर्शक उन्हें बिना देखे ही वापस लौट जाते हैं। इसे देखते हुए शेर में बाड़े में पाथवे बनाने की योजना है। अगले महीने तक यह कार्य पूरा भी हो जाएगा।