कराची, पाकिस्तान के रहने वाले मो. मसरूफ को 2008 में बहराइच पुलिस ने जासूसी, देशद्रोह, जालसाजी और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2013 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्ष 2015 में उसे वाराणसी सेंट्रल जेल में भेजा गया था।
जिला कारागार में बंद पाकिस्तानी कैदी मो. मसरूफ उर्फ गुड्डू की रिहाई की प्रक्रिया पूरी हो गई है। गृह मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद अब उसे बुधवार को गोरखपुर से दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास भेजा जाएगा। इसके बाद 07 फरवरी को अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
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कराची, पाकिस्तान के रहने वाले मो. मसरूफ को 2008 में बहराइच पुलिस ने जासूसी, देशद्रोह, जालसाजी और साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2013 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्ष 2015 में उसे वाराणसी सेंट्रल जेल में भेजा गया था।
कैदियों को उकसाने और जेल में विद्रोह की कोशिश के चलते वर्ष 2019 में शासन के निर्देश पर मो. मसरूफ को गोरखपुर जेल लाया गया। यहां उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। अब उसकी सजा पूरी होने के बाद भारत सरकार ने उसे रिहा करने का फैसला किया है।