एनेक्सी भवन में विद्युत उपभोक्ता एवं जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान के तहत आयोजित बैठक में शामिल विध
गोरखपुर। नशा के दलदल में फंसे युवा व बच्चों को सुधारने की मुहिम के क्रम में बृहस्पतिवार को एडीजी अखिल कुमार ने एनेक्सी भवन में खुली परिचर्चा की। नशा में कैसे फंसे सवाल को पूछते ही लोग और बच्चे बोल पड़े, हमें बचा लीजिए साहब... हम भी नशा छोड़ना चाहते हैं। यदि हमें मदद व रोजगार मिले तो हम भी बेहतर जिंदगी जीना चाहते हैं। नशा करने वाले एक युवक ने बताया, पहले वह दूसरे के लिए स्मैक लेकर आता था, फिर खुद ही इस दलदल में फंस गया। सभी की बातें सुनने के बाद एडीजी ने मंच पर मौजूद एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह से विचार-विमर्श कर एक बृहद कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की। खबर है कि एमएलसी ने भी मदद का भरोसा दिया है।
खुली परिचर्चा में एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, एडीजी अखिल कुमार, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, एनजीओ से जुड़े लोग मौजूद रहे। एडीजी ने ऑपरेशन सुदर्शन नाम से नशामुक्ति के लिए एक अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत एनजीओ और पुलिस की मदद से नशे के दलदल में फंसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। उनकी कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ देकर नशा से मुक्त कराकर सामान्य जीवन में लाया जाए।
इस दौरान नशा करने वाले बच्चों ने बताया कि नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए वह चोरी भी कर लेते हैं। यह उनकी मजबूरी हो गई है। ज्यादातर नशा करने वालों ने बताया कि, बुरी संगत की वजह से नशे के आदी हो गए। वहीं, कई ने बताया कि वह दूसरे के लिए नशा का सामान लेकर आते थे, फिर एक दिन खुद चख लिया और नशे के आदी हो गए। एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि पीड़ितों के लिए भोजन, आवास, विद्यालय और चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कोशिश की जाएगी, सभी को पहले नशा से मुक्त कराया जाए और फिर सरकारी रोजगार योजनाओं से जोड़कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाए।