फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: एक सेनेटरी पैड से सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों से मिलेगी मुक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (28 मई )
विज्ञापन

-
फोटो- डॉ. सुधीर गुप्ता
-
28 से 30 फीसदी किशोरियों को सेनेटरी पैड के बारे में नहीं है जानकारी
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच की रिपोर्ट में हुआ है खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एक सेनेटरी पैड युवतियों और महिलाओं को कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचाता है। इसके इस्तेमाल से युवतियां, किशोरी और महिलाएं सर्वाइकल कैंसर, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बच सकती हैं। इसके बाद भी जिले की 28 से 30 फीसदी किशोरियों को सेनेटरी पैड की जानकारी ही नहीं है। इसकी वजह से वह कपड़े का इस्तेमाल कर रही हैं।
इसका खुलासा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच में हुआ है। जबकि, सर्वे चार में यह आंकड़ा 48 फीसदी था। इसमें 14 फीसदी का सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग और प्रचार-प्रसार के दौर में ये आंकड़े चिंताजनक हैं। अगर इनमें सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में सर्वाइकल कैंसर के मामले बढ़ने तय हैं। क्योंकि, सर्वाइकल कैंसर की सबसे प्रमुख वजह गंदगी होती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता व्यवहार न अपनाने पर आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय से संबंधित दिक्कतें तय हैं। सेनेटरी पैड के इस्तेमाल से खतरा 90 फीसदी तक कम रहता है। सेनेटरी पैड हर चार घंटे पर जरूर बदलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई किशोरियों को दी जाती है सेनेटरी पैड की सलाह
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता शुक्ला ने बताया कि ओपीडी में हर दिन तीन से चार किशोरियां शारीरिक बदलाव की दिक्कतें लेकर पहुंचती हैं। उन्हें इनके कारण समझाए जाते हैं। साथ ही सलाह दी जाती है कि वह सेनेटरी पैड का इस्तेमाल जरूर करें। क्योंकि, वह सेनेटरी पैड की जगह कपड़े का इस्तेमाल करती हैं। यह ज्यादा चिंताजनक है। उनकी मां को भी समझाया जाता है कि वह कपड़ों से दूरी बनाएं। उन्हें देखकर ही वह किशोरियां ऐसा कर रही हैं। जबकि, ऐसे माताओं को दिक्कतें भी झेलनी पड़ी है। बताया कि मासिक धर्म के दौरान न केवल आराम की आवश्यकता होती है, बल्कि पौष्टिक भोजन का सेवन भी जरूरी है। मासिक धर्म के दौरान जननांगों को नियमित तौर पर धुलना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें