गोरखपुर। सितंबर विषुव इस बुधवार को सुबह 5:35 बजे भारतीय समयानुसार घटित होगा। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह वह महत्वपूर्ण खगोलीय क्षण है, जब सूर्य आकाशीय विषुवत् रेखा को उत्तर से दक्षिण की ओर पार करता दिखाई देता है। विषुव किसी पूरे दिन चलने वाली घटना नहीं बल्कि पृथ्वी-सूर्य प्रणाली में घटित होने वाला एक निश्चित क्षण है। इस दौरान पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है। विषुव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इस समय सूर्य लगभग ठीक पूर्व दिशा में उदित और पश्चिम दिशा में अस्त होता दिखाई देता है। इसे खुले स्थान से आसानी से देखा जा सकता है। सूर्य का सुरक्षित अवलोकन करने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर या पिनहोल प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।