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Gorakhpur News: फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 38 लाख की जालसाजी करने का आरोपी गिरफ्तार

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- दो साल से फरार चल रहा था आरोपी, रामगढ़ताल, गोरखनाथ थाने में भी दर्ज हैं केस
- बैंक में लिपिक और मैनेजर के पद पर नियुक्ति दिलाने का दिया था झांसा
- पकड़े जाने के बाद चार और लोग शाहपुर थाने पहुंचे, आरोपी पर दर्ज होंगे और केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बैंक में मैनेजर, लिपिक, चपरासी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक शख्स से 38 लाख रुपये हड़पने के आरोपी धर्मेंद्र कुमार को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर चार और फरियादी शाहपुर थाने में पहुंचे और खुद के साथ जालसाजी का आरोप लगाया। जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ गोरखनाथ और रामगढ़ताल थाने में भी केस दर्ज है। आरोपी पर कई और केस दर्ज करने की तैयारी है। वह पिछले दो साल से फरार चल रहा था।
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पकड़ा गया आरोपी धर्मेंद्र कुमार गोला के ककरही गांव का निवासी है। जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ के मिर्जापुर आजाद निवासी श्याम बहादुर ने कोर्ट के जरिए 2021 में जालसाज धर्मेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि दो बेटों की नौकरी के लिए आरोपी से बातचीत हुई थी। खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर आरोपी ने कहा कि उसका एजीएम से संबंध है और नौकरी लगवा देगा। एक बेटे को पीओ और दूसरे बेटे को लिपिक बनवाने के लिए श्याम बहादुर ने रुपयों की व्यवस्था कर 38 लाख रुपये 12 जुलाई 2018 से 18 नवंबर 19 के बीच दे दिए। नौकरी दिलाने के नाम पर वह टाल-मटोल करने लगा। बाद में बताया कि नौकरी की बात हो गई। इसके बाद उसने फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया। उसके झांसे में आकर जब बैंक गए तब उन्हें जालसाजी की जानकारी हुई। तभी से केस दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। प्रभारी निरीक्षक मनोज पांडेय ने बताया कि आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ गोरखनाथ व रामगढ़ताल थाने में भी केस दर्ज है। आरोपी के खिलाफ कई और लोग प्रार्थना पत्र लेकर आए है, उसकी भी जांच की जा रही है।
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