चोरी के गहने खरीदने के संदेह में सर्राफ को उनवल पुलिस चौकी में बैठाकर प्रताड़ित करने और रुपये लेकर रात में छोड़ने के आरोप में एसएसपी डाॅ. कौस्तुभ ने चौकी प्रभारी अविनाश सिंह को निलंबित कर दिया। मामले की जांच सीओ खजनी को सौंपी गई है।
अधिकारियों ने सर्राफ को चौकी में बैठाए जाने की अवधि, पूछताछ की प्रक्रिया और उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के साथ ही रुपये लेकर छोड़ने के आरोप की भी जांच शुरू कर दी है। मामला महादेवा बाजार के सर्राफ मुन्ना वर्मा से जुड़ा है। उन्होंने एक महिला से करीब दो ग्राम सोना खरीदा था।
इसी बीच खजनी पुलिस ने चोरी के गहने रखने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया। पुलिस को संदेह था कि महिलाओं से चोरी के गहने खरीदने में सर्राफ की भूमिका हो सकती है। इसी आधार पर मुन्ना वर्मा को पूछताछ के लिए शनिवार को उनवल चौकी लाया गया।
मुन्ना वर्मा के अनुसार, पूछताछ और जांच में उनके खिलाफ चोरी के गहने खरीदने का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इसके बावजूद उसे चौकी से जाने नहीं दिया गया। परिवार को जानकारी होने पर उन्होंने खजनी के भाजपा विधायक श्रीराम चौहान से संपर्क किया।
विधायक के पीआरओ ने चौकी प्रभारी को फोन कर सर्राफ को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न करने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। आरोप है कि इसके बाद भी सर्राफ को रात करीब 12 बजे तक चौकी में बैठाए रखा गया। रविवार को प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह की बैठक में मामला उठने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
इसके बाद एसएसपी ने चौकी प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि सर्राफ को चौकी में बैठाए जाने, पूछताछ की प्रक्रिया, उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और रुपये लेकर छोड़ने के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।