इस योजना के तहत ड्रेजिंग के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इससे निकलने वाले करीब 81 लाख घन मीटर गाद में से करीब साढ़े छह लाख ताल के बांध के रूप में, जबकि शेष अन्य योजनाओं के रूप में उपयोग होगा। इसके लिए जीडीए तीन साल में 150 करोड़ और पर्यटन विभाग 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा। जबकि स्मार्ट सिटी योजना के तहत 50 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि इससे रामगढ़ताल विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनने की ओर अग्रसर हो सकेगा।
अध्यक्ष जीडीए/मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि रामगढ़ताल फ्रंट का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इसे चहुंओर विकसित किया जाएगा। ताल की गाद भी निकाली जाएगी। जल्द ही इसका काम शुरू कराया जाएगा।