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दोहरा हत्याकांड : करीबी पर संदेह जताकर खुलासे का भरा दम, अब बैकफुट पर पुलिस

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26 मई को चौरीचौरा इलाके के बैकुंठपुर में तंत्रमंत्र करने वाली महिला व उसके रिश्तेदार की हुई थी हत्या
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पुलिस की चार टीमें लगाई गईं, लेकिन अब तक नहीं कर पाई खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चौरीचौरा थानाक्षेत्र के ग्राम बैकुंठपुर में 26 मई को हुए दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठाने के लिए लगीं पुलिस की चार टीमें करीबियों पर हत्या का संदेह जाहिर कर जल्द पर्दाफाश करने का दम तो भरा, लेकिन फिर बैकफुट पर आ गई। बताया जा रहा है कुछ सफेदपोशों के दबाव में पुलिस आ गई है। वहीं, संदेह के आधार पर पुलिस ने पति समेत अन्य लोगों को हिरासत में भी लिया था। अब पुलिस नए सिरे से पूरे प्रकरण की जांच कर जल्द पर्दाफाश का दावा कर रही है, लेकिन यह जल्द का समय कब पूरा होगा, यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।
जानकारी के मुताबिक, 25 मई को बैकुंठपुर गांव में एक शादी समारोह था। इसमें कई रिश्तेदार आए थे। बताया जा रहा है कि घर की ऊषा देवी कुटिया बनाकर तंत्रमंत्र करती थीं। वह अपनी ननद खजनी की सुनकेशा के साथ कुटिया पर गई थीं। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई। दोनों की हत्या में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और कई मोबाइल फोन नंबर के लोकेशन व पूछताछ के आधार पर करीबियों पर हत्या का संदेह जाहिर कर दिया।
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घटना के चार दिनों बाद पुलिस ने यहां तक कह दिया कि सुराग व साक्ष्य हाथ लग गए हैं, लेकिन पर्दाफाश अब तक नहीं हो सका। पुलिस ऊषा देवी के पति समेत दर्जन भर से अधिक लोगों का मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लगाकर जांच की। बलरामपुर जिले की एक महिला से पूछताछ करने के लिए पुलिस की एक टीम उसके घर तक गई, लेकिन ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
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यह है मामला

ग्राम बैकुंठपुर के बाहर पूजा स्थल बनाकर 45 वर्षीय महिला ऊषा देवी तंत्रमंत्र के जरिये बीमारी आदि समस्याओं को दूर करती थीं। उसके पास दूर-दूर से महिला व पुरुष झाड़-फूंक कराने आते थे। 26 मई को ऊषा देवी रिश्ते में ननद लगने वाली खजनी थानाक्षेत्र की 60 वर्षीय सुनकेशा के साथ पूजा स्थल पर पूजा-पाठ करने गई थीं। इसी दौरान दोनों के सिर के ऊपर किसी वजनी चीज से प्रहार किया गया था। दोनों के घर नहीं पहुंचने पर परिजन पूजा स्थल पर गए, जहां पर दोनों खून से लथपथ पड़ी थीं। ऊषा देवी की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि ननद सुनकेशा का बीआरडी मेडिकल काॅलेज में 27 मई की शाम में मौत हो गई।
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