अगर आपने ट्रेन में आरक्षण कराया है तो बोर्डिंग स्टेशन पर ही निर्धारित सीट पर पहुंचना होगा, नहीं तो टीटीई 15 मिनट इंतजार करने के बाद टिकट कैंसिल कर देगा। इसके साथ ही वह सीट आरएसी या वेटिंग यात्रा कर रहे यात्री के नाम पर अलॉट हो जाएगी।
ट्रेनों में टीटीई के काम को अब पूरी तरह से पेपरलेस कर दिया गया है। ऐसा एचएचटी (हैंड हेल्ड टर्मिनल) डिवाइस से हुआ है। यह समय-समय पर अपडेट होता रहता है। नया अपडेट आरएसी और वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा।
दरअसल, पहले बोर्डिंग स्टेशन के बाद ट्रेन में टीटीई सीट पर पहुंचकर यह जांचता था कि यात्री उसपर बैठा है या नहीं। अगर यात्री अपने सीट पर मिलता था तो टीटीई उसे प्रेजेंट कर देता था। अगर वह वहां नहीं होता था तो टीटीई अगले दो स्टेशनों तक उसका इंतजार करता था। इस बीच यह सीट किसी और को अलॉट नहीं की जाती थी। दो स्टेशन बाद ही टीटीई किसी को सीट अलॉट करता था।
अब नई व्यवस्था के तहत अगर यात्री बोर्डिंग स्टेशन पर सीट पर नहीं पहुंचता है तो टीटीई सिर्फ 15 मिनट के बाद ही एचएचटी पर एनपी (नॉट प्रेजेंट) कर देगा। टीटीई के ऐसा करते ही वह सीट अपने आप ही प्राथमिकता के आधार पर ट्रेन के आरएसी या वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहे यात्री की हो जाएगी। आरएसी या वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री को यह जानकारी मैसेज के माध्यम से मोबाइल पर मिल जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत बोर्डिंग स्टेशन पर अगर यात्री अपनी सीट पर नहीं पहुंचेगा तो टीटीई उसे एचएचटी के माध्यम से एनपी (नॉट प्रेजेंट) कर देगा। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर वह सीट आरएसी या वेटिंग के यात्री को मिल जाएगी:
पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनईआर