मेडिकल की फर्जी डिग्री प्रकरण की जांच के दायरे में फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय (निजी) के कुलाधिपति सुकेश यादव भी है। सुकेश और डॉक्टर राजेश की व्हाट्सएप चैट के सुराग हाथ लगने के बाद सुकेश से पूछताछ करने की तैयारी है। जल्द ही उससे पूछताछ होनी है। फिलहाल वह फर्जी डिग्री के एक अन्य मामले में ही राजस्थान की जेल में बंद है।
दरअसल, खोराबार पीएचसी के डॉ. राजेश कुमार से कुलाधिपति सुकेश की बातचीत के कुछ साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। इसे पुख्ता करने के लिए डॉक्टर के मोबाइल से मिले रिकॉर्ड फिर से खंगाले जा रहे हैं। एसपी सिटी के मुताबिक, बहुत जल्द ही एक टीम पूछताछ करने जा सकती है।
राजस्थान के जयपुर में फर्जी डिग्री का मामला सामने आने पर साक्ष्य मिलते ही सात मार्च को वहां की एसओजी ने जेएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुकेश यादव को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
गोरखपुर जिले में भी पीएचसी के डॉक्टर के पास से चार फर्जी डिग्रियां मिली हैं। इसका सत्यापन भी विश्वविद्यालय जाकर पुलिस ने करा लिया है। विश्वविद्यालय ने भी माना है कि चारों डिग्रियां फर्जी हैं। इसके बाद से ही पुलिस फर्जी डिग्री बनाने वाले का पता लगा रही थी।
इस बीच कुलाधिपति के पकड़े जाने के बाद, इस बात की पुष्टि हो गई है कि फर्जी डिग्री भी यहीं बन रही थी। अब जिले की खोराबार पुलिस बहुत जल्द मामले में कुलाधिपति से पूछताछ कर सकती है।
खोराबार थाने में शिकायत के बाद 24 फरवरी को पीएचसी के डॉ. राजेश कुमार व उसके साथी संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला निवासी सुशील कुमार चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके पास से मेडिकल की 21 डिग्रियां मिली थीं। इसमें चार जेएस विश्वविद्यालय की थी।
यहां के नाम पर मिली 21 डिग्री
- राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी
- आयुर्वेदिक तथा युनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान
- उत्तर प्रदेश फार्मेसी कांउसिल
- आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
- जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद
- आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़
- आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद
- चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ
फर्जी डिग्री का सत्यापन कराया जा रहा है। जेएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति समेत अन्य को फर्जी डिग्री के मामले में जयपुर एसओजी ने गिरफ्तार किया है। फर्जी डिग्री मामले में जिले की पुलिस टीम भी पूछताछ करने जा सकती है:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी