हर महीने का रखा जाएगा रिकॉर्ड, कर्मचारियों के लिए ड्रेस और परिचय पत्र का भी होगा प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मरीज माफिया के खेल पर रोक लगाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सख्त निर्णय लेना शुरू कर दिया है। इस बार न केवल पुलिस को डीबीआर सौंपी गई है, बल्कि आगे से इसके रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का भी निर्णय लिया गया है। अब पुलिस पुराने रिकाॅर्ड भी खंगाल सकेगी। इसके अलावा कर्मचारियों के ड्रेस और परिचय पत्र पर भी विचार किया जा रहा है।
बीआरडी मेडिकल कालेज में सक्रिय दलाल अक्सर ही मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों को बेच देते हैं। ऐसे मामलों में जब जांच शुरू होती है तो हर बार डीबीआर की रिकार्डिंग नहीं होने का बहाना बनाकर मामले की जांच ठप कर दी जाती है।
अब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्या ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। तीन दिन पहले जब एक अवैध अस्पताल को ऐसे मरीज बेचने की जानकारी हुई तो वह रात में ही दफ्तर पहुंचे और सारे रिकाॅर्ड जब्त कर पुलिस को सौंप दिए।
भोंपू और गार्ड की व्यवस्था को बनाया जाएगा कारगर
अभी मेडिकल काॅलेज में दलालों की धरपकड़ के लिए गेट पर लगे लाउडस्पीकर से प्रचार कराया जाता है। इसके अलावा यहां तैनात गार्ड भी बाहर से आने-जाने वालों पर नजर रखते हैं। इस व्यवस्था के बावजूद अस्पताल से मरीज बाहर भेजे जा रहे हैं। प्राचार्य ने इस पर निगरानी के लिए चल रही व्यवस्था को और अधिक सक्रिय करने का निर्णय लिया है।
वर्जन
इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ मरीजों को बरगलाकर बाहर ले जाने की व्यवस्था पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए नए सिरे से प्लानिंग की जा रही है। जल्द ही व्यवस्था में बदलाव दिखने लगेगा। मरीजों के इलाज में लापरवाही और मरीज बेचने जैसे काम मानवता के प्रति अपराध है और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सुनील कुमार आर्या, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज