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Gorakhpur News:ठनगर निगम में गड़बड़ झाला..बरसों जमा कराया टैक्स मगर सूची में नाम ही नहीं

Wed, 15 May 2024 03:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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रहें होशियारः घर पर बिल पहुंच रहा, ऑनलाइन भी दिख रहा, लेकिन सूची में नाम नहीं
लोगों को प्रॉपर्टी के बंटवारे और बेचने के समय गड़बड़ी का पता चला



संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। यदि आप वर्षों से नगर निगम में हाउस टैक्स जमा करते आ रहे हैं तो एक बार यह भी पता कर लें कि आपका नाम कर निर्धारण सूची में है या नहीं। हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें लोग सालों से संपत्ति कर जमा कर रहे थे, लेकिन जब उन्होंने कर निर्धारण सूची देखी तो उसमें उनका नाम ही नहीं था। जानकारी होने पर नाम जुड़वाने के लिए उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

नगर निगम में वार्ड के हर मोहल्ले की एक कर निर्धारण सूची होती है। इसमें संपत्ति के मालिक का नाम दर्ज होता है, जिसके नाम से बिल बनता है। संपत्ति को बेचने या दान देने के समय इस सूची को भी देखा जाता है। कई मोहल्लों के लोगों ने हाल में जब कर निर्धारण सूची देखी तो उसमें उनका नाम नहीं था, जबकि उनके घर टैक्स का बिल पहुंच रहा था।
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केस एक
दीवान बाजार में मकान संख्या 241 की मालिक कृष्णा कुमारी पिछले 10 सालों से नगर निगम में संपत्ति कर जमा कर रही हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति को बेचने या दान करने के संबंध में जब वकील से सलाह ली तो उन्होंने कर निर्धारण सूची में नाम देखने को कहा। फरवरी में जब वह नगर निगम के कर विभाग में सूची में नाम देखने पहुंचीं तो पहले उन्हें जानकारी नहीं दी गई। बाद में बताया गया कि उनका नाम कर निर्धारण की सूची में दर्ज नहीं है। उनसे कहा गया कि वह शुल्क रसीद कटवाकर आवेदन कर दें तो उनका नाम जुड़ जाएगा। 19 अप्रैल को उन्होंने आवेदन किया, लेकिन सात मई को बताया गया कि वह बकाया बिल जमा कर दें और स्वामित्व से जुड़े कागजात दिखाएं तब जाकर नाम जोड़ा जाएगा।



केस दो
जाफरा बाजार में मकान संख्या 142/319 सूरज प्रसाद के नाम से दर्ज था। बाद में इनकी संपत्ति का बंटवारा हुआ और दोनों बेटों कृष्ण कुमार और कौशल किशोर का नाम चढ़ गया। कृष्ण कुमार ने अपनी आधी संपत्ति अपने भाई कौशल किशोर और आधी पत्नी शकुंतला देवी के नाम कर दी। कर निर्धारण सूची में 2005 में आधी संपत्ति पर कृष्ण कुमार का नाम काटकर कौशल किशोर का नाम चढ़ गया, लेकिन शकुंतला देवी का नहीं चढ़ा। एक साल पहले शकुंतला ने अपनी संपत्ति बहू राखी सिंह को दान कर दी। राखी जब कर निर्धारण सूची में नाम चढ़वाने पहुंचीं तो पता चला कि उसमें शकुंतला का नाम ही नहीं है। राखी अब इसे लेकर परेशान हैं कि सूची में नाम कैसे जुड़े। एक साल से वह सूची में लगे आदेश की मांग कर रही हैं, लेकिन विभाग उसे उपलब्ध नहीं करा रहा।
ऐसे देख सकते हैं सूची में नाम
यदि कोई भी व्यक्ति कर निर्धारण सूची में अपना नाम देखना चाहता है तो उसे कर विभाग में एक आवेदन करना होगा। साथ ही एक निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद वह सूची को देख सकते हैं। यदि उसमें नाम नहीं है तो घबराने की बात नहीं है, आप अपने स्वामित्व के कागजात दिखाकर इसमें नाम चढ़वा सकते हैं।
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वर्जन
पुराने कुछ रिकॉर्ड में लोगों के नाम नहीं चढ़े हैं। जिनके नाम कर निर्धारण सूची में नहीं हैं, वे आवेदन कर अपने स्वामित्व के कागज दिखाकर इसमें नाम चढ़वा सकते हैं। निगम की ओर से सभी पुराने रिकॉर्ड को ऑनलाइन अपलोड करने की योजना है। इसके पूरा होने के बाद यह पूरी सूची ऑनलाइन दिखने लगेगी। नागरिकों को यदि कर से जुड़ी कोई समस्या है तो वह आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, इसका जल्द से जल्द निस्तारण किया जाता है।

- विनय कुमार राय, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
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