सोनाली अग्रहरी, श्वेता मिश्रा, अदिति सिंह, शिखा पांडेय।
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निर्भया केस में चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी करने के फैसले का छात्राओं ने स्वागत किया है। सबने कहा कि 85 महीनों से निर्भया के परिवार वालों ने कोर्ट से लेकर समाज तक के बीच इस लड़ाई को लड़ा है। फैसला आने में भले थोड़ा समय लगा है, मगर ऐसे ही फैसले की उम्मीद थी। इससे दरिंदों के मन में कानून का डर होगा। सबक है कि जो कोई भी बेटियों से दरिंदगी करेगा, वह इसी अंजाम तक पहुंचेगा। वहीं, बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिलेगी।
न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ेगा
इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे। लोगों का विश्वास न्यायपालिका पर और बढ़ेगा। लोग महिलाओं के खिलाफ अपराध से डरेंगे। ये कानून की जीत है। ऐसे अपराधों के लिए जीरो टालरेंस की नीति होनी चाहिए।
- सोनाली अग्रहरी, बीए
देर से सही मगर दुरुस्त आया फैसला
देश की न्यायिक प्रक्रिया पर सभी को भरोसा था। इससे एक सकारात्मक संदेश लोगों के बीच जाएगा। फैसले में सात साल से ज्यादा का वक्त लगा लगा, मगर फैसला सौ फीसदी सही है। इस दरिंदगी की सजा मौत से कम नहीं होनी चाहिए थी। वही हुआ भी।
- श्वेता मिश्रा, एमकॉम
दुष्कर्म के मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए
दुष्कर्म की सभी घटनाओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द खत्म किया जाना चाहिए। तभी ऐसे जघन्य अपराध करने वाले दरिंदों के हौसले पस्त होंगे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। दोषियों के ऐसे ही अंजाम तक पहुंचने का इंतजार था।
- अदिति सिंह, बीकॉम
देश की हर बेटी को मिला इंसाफ
कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर निर्भया के साथ देश की हर बेटी को इंसाफ दिया है। इस फैसले का खुले दिल से स्वागत करती हूं। निर्भया के माता-पिता ने 85 महीनों तक इस लड़ाई को हर मोर्चे पर लड़ा। उनके हौसले को सलाम करती हूं।
- शिखा पांडेय, एमजेएमसी