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गोरखपुर: खालिस्तानी-आतंकी नेटवर्क की तलाश में बंबीहा गिरोह के शूटर शशांक के दोस्तों तक पहुंची एनआईए, पूछताछ की

Thu, 28 Sep 2023 01:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) गैंगस्टर व खालिस्तानी-आतंकियों का नेटवर्क खंगालते हुए बुधवार को गोरखपुर पहुंची।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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\पंजाब में गायक मूसेवाला हत्याकांड से सुर्खियों में आए लॉरेंस बिश्नोई और बंबीहा गिरोह से तालुक रखने वाले शशांक पांडेय के दोस्तों से बुधवार को एनआईए की टीम ने पूछताछ की। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) गैंगस्टर व खालिस्तानी-आतंकियों का नेटवर्क खंगालते हुए बुधवार को गोरखपुर पहुंची।

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एनआईए की टीम पुलिस लाइंस से फोर्स लेकर कैंट इलाके के सिंघड़िया आदर्शनगर पहुंची और यहां शशांक के पड़ोसियों से पूछताछ की। इसके बाद मालवीय नगर में शशांक के दो दोस्तों अमन व शमसुद्दीन से भी टीम ने पूछताछ की। खबर है कि पूछताछ के बाद टीम कुशीनगर रवाना हो गई।

बिहार का मूल निवासी शशांक पांडेय, गोरखपुर शहर के सिंघड़िया आदर्शनगर में एक मकान में रहता था। वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बंबीहा गिरोह का शूटर है। उस पर गिरोह को असलहों की सप्लाई करने का भी आरोप है। पंजाब पुलिस ने शशांक को बीते 24 जुलाई को गिरफ्तार कर आठ पिस्टल बरामद किए थे। उसके साथ पकड़े गए तीन साथी अंबाला के रहने वाले हैं।
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अब एक बार फिर खालिस्तानी समर्थकों से उसके तार जुड़ने पर एनआईए की टीम गोरखपुर पहुंची है। पड़ोसियों के मुताबिक, टीम को उन लोगों ने बताया है कि शशांक इंटर के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने मथुरा चला गया। वहीं, उसकी मां घर छोड़कर अपने गांव चली गई। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई विदेश में रहता है, जबकि दूसरे नंबर का भाई राहुल बस्ती जिले में ठेकेदारी करता है। 

शशांक का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब के गैंगस्टर के साथ है। वह बुलंदशहर से एक-47 खरीदने में जेल जा चुका है। एनआईए की टीम ने दोस्तों से भी उसके बारे में जानकारी ली और फिर कुशीनगर रवाना हो गई ।
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दो महीने पहले भी गोरखपुर आई थी एनआईए टीम
एनआईए की टीम जुलाई में भी गोरखपुर आई थी। उस दौरान गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, महराजगंज में भी टीम गई थी, लेकिन उस समय किसी से पूछताछ नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि अब टीम ढेर सारी जानकारियां जुटाने के बाद दोबारा आई है और इस बार पूछताछ कर रही है।
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बंद नमकीन फैक्टरी को खरीदकर गोरखपुर में रहने लगे थे पिता
शशांक के पिता नित्यानंद 10 वर्ष पहले नौकरी की तलाश में गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया के आदर्शनगर स्थित बंद नमकीन फैक्टरी को खरीदकर उसी में रहने लगे थे। छह वर्ष पहले नित्यानंद की मौत हो गई, इसके बाद शशांक पंजाब चला गया। वहां वह गोल्डी व लॉरेंस बिश्नोई के साथ काम करने लगा। उनके लिए असलहा सप्लाई करने लगा। साथ ही वह सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी शामिल रहा। पंजाब पुलिस के गिरफ्तार करने से पहले वह 21 जून 2023 को अपने दो दोस्तों जो मालवीयनगर के रहने वाले थे, उनसे मिलने आया था। पड़ोसियों का कहना है कि तीनों अचानक बहुत अमीर हो गए, लोगों को रुपये बांटने लगे थे।
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हरदीप गिरोह से भी जुड़ रहे तार
सूत्रों की माने तो लॉरेंस बिश्नाई गैंग को टक्कर देने के लिए बंबीहा गैंग ने पाकिस्तान की मदद ली थी। वहीं अर्श डल्ला विदेश में बैठकर अपनी गतिविधियों को चला रहा है। ये सभी खालिस्तान टाइगर फोर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। सभी का संबंध कनाडा से हरदीप सिंह निज्जत से भी जुड़ा है जिसको लेकर भारत व कनाडा के रिश्तों में तनाव है। माना जा रहा है कि यह सब हरदीप के ही गैंग से जुड़े हुए हैं। शशांक से सरगना गोल्डी का नाता है और गोल्डी का जुड़ाव लॉरेंस, बंबीहा व अर्श डल्ला से है। ये दोनों मूसेवाला हत्याकांड में चर्चा में आए थे।

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