अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. के एस प्रताप कुमार ने एडीजी जोन गोरखपुर का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह बुधवार शाम गोरखपुर पहुंचे। सर्किट हाउस पर आईजी रेंज जे रविंदर गौड, एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एसपी ट्रैफिक श्याम देव ने किया स्वागत। इससे पूर्व एडीजी जोन का गॉड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। इसके बाद एडीजी कार्यालय पहुंचे। जहां निर्वतमान एडीजी अखिल कुमार ने स्वागत कर उन्हें नए कार्यकाल की बधाई दी।
डॉ. केएस प्रताप कुमार पीएसी लखनऊ के एडीजी पद पर तैनात थे। उनके पास एडीजी क्राइम का भी अतिरिक्त प्रभार था। खास बात यह है कि डॉ. केएस प्रताप कुमार इससे पहले गोरखपुर के एसएसपी रह चुके हैं। वह गोरखपुर के वातावरण से पूरी तरह से वाकिफ हैं। मूलरुप से हैदरबाद के रहने वाले डॉ. केएस प्रताप कुमार एसएसपी इलहाबाद, एसपी बलरामपुर और समेत कई जिलों में सेवाएं दे चुके हैं।
.....
हर घर कैमरे के लिए याद किए जाएंगे अखिल कुमार
एडीजी गोरखपुर रहे अखिल कुमार का तीन साल का कार्यकाल नए प्रयोगों के लिए याद किया जाएगा। शहर से लेकर देहात तक सीसीटीवी कैमरों को लगवाने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र की उन्होंने ही शुरुआत की थी। इसकी मानीटरिंग करके उन्होंने जनसहयोग से पहले शहर के प्रमुख चौराहों पर और फिर हर घर कैमरा लगवाने की मुहिम शुरू की। इसका परिणाम है कि जिले में 12 हजार से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसकी मदद से कई घटनाओं का खुलासा हुआ तो कई बेगुनाह लोग फंसने से बच गए। इसके अलावा पुलिस की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए वह जनता से फीडबैक लेते थे और हर महीने उनके कामकाज का लेखाजोखा भी जारी करते थे। शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए निजी बसों को शहर से बाहर करने का फैसला भी उनका यादगार रहेगा।