गोरखपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित नीट यूजी 2024 के परिणामों को लेकर देशभर में विरोध जारी है। गोरखपुर में भी युवा इसका विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को नीट के अभ्यर्थियों ने पदयात्रा निकालकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया और सही परिणाम जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
शाम पांच बजे के करीब 200 की संख्या में अभ्यर्थी गांधी गली में एकत्रित हुए। वहां से पदयात्रा कर गोलघर, यूनिवर्सिटी चौराहा होते हुए डीएम कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने नीट परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और एनटीए के विरुद्ध नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने बताया कि इस बार उनका पेपर बहुत अच्छा हुआ था, लेकिन परिणाम ने उनको चौंका दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार एनटीए ने धांधली की है, एक ही केंद्र से इतने सारे टॉपर कैसे हो सकते हैं। साथ ही इस बार 67 छात्रों ने 720 अंक प्राप्त किए हैं। पहले केवल एक या दो छात्र ही इतना नंबर पाते थे। साथ ही आरोप लगाया कि इस बार एनटीए ने जो ग्रेस मार्क्स की व्यवस्था की है, वह भी सवालों के घेरे में है। एनटीए ने जो ग्रेस मार्क दिए हैं, उसका क्या आधार है और वह किन परीक्षार्थियों को दिया जाना है, इसको भी एनटीए को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने ज्ञापन देते हुए मांग की कि एनटीए इस परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करे। जिस केंद्र से ज्यादा टॉपर आए हैं, वहां दोबारा परीक्षा हो। इसके साथ ही ग्रेस मार्क की व्यवस्था को खत्म कर कटऑफ को भी सही किया जाए। विद्यार्थियों का यह प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला।
आम आदमी पार्टी ने भी किया विरोध
नीट परिणाम को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने मांग की कि नीट परीक्षा के परिणाम की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को जेल भेजा जाए, जिससे अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ न्याय हो सके। महानगर अध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नीट का परिणाम 14 जून को आना था, लेकिन आनन-फानन में चार जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम के दिन ही घोषित कर दिया गया। इससे सवाल उठता है कि किस गुनाह को छिपाने के लिए इसका परिणाम चुनाव के परिणामों के साथ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षक प्रकोष्ठ के अमिताभ जायसवाल, हरेंद्र यादव, दिलीप मौर्य, तारिक अनवर, शैलेंद्र पांडेय, अरुण श्रीवास्तव धनंजय श्रीवास्तव, राजेश राजभर आदि उपस्थित रहे।