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फर्जी स्टांप मामला: सिर्फ नवाब ही नहीं, गोरखपुर पुलिस की जांच में उसका की '6 गर्लफ्रेंड' भी- जानिए क्यों

Wed, 04 Sep 2024 11:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

नवाब आरजू शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करता था। इस दौरान उसने कई लड़कियों से दोस्ती की थी। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाने पर पता चला है कि वह कई-कई घंटे तक लड़कियों से बात करता था। गिरफ्तार नवाब आरजू की छह गर्लफ्रेंड से भी पुलिस ने पूछताछ की है। सभी लड़कियां पूछताछ के दौरान रोने लगीं और नवाब द्वारा झूठ बोलकर प्रेमजाल में फंसाने का आरोप लगाया।
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फर्जी स्टांप। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी स्टांप मामले में गैंग के मास्टरमाइंड नवाब आरजू की छह गर्लफ्रेंड से भी पुलिस ने पूछताछ की है। सभी लड़कियां पूछताछ के दौरान रोने लगीं और नवाब द्वारा झूठ बोलकर प्रेमजाल में फंसाने का आरोप लगाया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

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नवाब के भांजे साहबजादे के जमानतदारों से भी पूछताछ की जाएगी। जमानत में लगाए गए कागजातों की भी जांच कराई जाएगी। पुलिस के अनुसार, नवाब आरजू शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करता था। इस दौरान उसने कई लड़कियों से दोस्ती की थी। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाने पर पता चला है कि वह कई-कई घंटे तक लड़कियों से बात करता था। अपनी पत्नी से भी उसने यह बात छिपाई थी।

वह पत्नी को यह बातें न बताने के लिए पुलिस से गिड़गिड़ा रहा था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई और अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसकी जांच-पड़ताल चल रही है। उधर, तीन माह पहले नवाब आरजू के भांजे साहबजादे की जमानत हो गई, जिसकी पुलिस को भी भनक नहीं लगी। अब इस जमानत पर भी सवाल उठ रहा है।
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साहबजादे स्टांप और टिकट छापने का माहिर है। उसके छूटने के बाद ये माना जा रहा है कि वह इस धंधे की कमान संभाल सकता है। इससे पहले पुलिस साहबजादे पर शिकंजा कसने के लिए उसके जमानतदारों का नाम, पता खंगाल रही है। जमानत में लगाए गए कागजातों की भी पुलिस जांच कराएगी।

अर्पित को पकड़ने के लिए पुलिस जुटा रही साक्ष्य
फर्जी स्टांप के धंधे में फंडिंग करने वाले यूपी के पश्चिम क्षेत्र में बैठे शातिर अर्पित जैन को पकड़ने से पहले पुलिस साक्ष्य एकत्र कर रही है। बताया जा रहा है कि अर्पित बहुत ही पहुंच वाला व्यक्ति है, उसके गिरेबान पर हाथ डालने से पहले पुलिस अपना पक्ष मजबूत करने में लगी है।

फरार है बेलघाट का अरविंद
यूपी एटीएस ने रविवार को कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की सप्लाई करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड नवाब आरजू और उसके साथी राजू यादव को कैंट इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बिहार के सिवान मोफस्सिल नई बस्ती के रहने वाले 84 साल के मोहम्मद कमरूद्दीन और उसके नाती साहेबजादे को पकड़ा था।

इसमें कुशीनगर के स्टांप विक्रेता गोपाल तिवारी और बेलघाट के अरविंद निषाद का भी नाम आया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। सोमवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने कुशीनगर के गोपाल तिवारी को देवरिया से गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अरविंद अभी भी फरार चल रहा है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि नवाब आरजू को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस धंधे के बारे में नवाब को सारी जानकारी है। नवाब के भांजे साहबजादे की जमानत कैसे हुई, उसके जमानतदार और कागजातों की जांच कराई जा रही है।
 

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