इसमें जिस आवेदन में सभी कागजात मौजूद थे, उनका वेरिफिकेशन करते हुए रजिस्टर्ड किया गया। जबकि, जिस आवेदन में कागजात पूरे नहीं थे, उन्हें निरस्त कर दिया गया है। यही कारण है कि पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची में 70 से अधिक अस्पतालों के नाम दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अब दूसरी बार संशोधित सूची जारी करने की तैयारी में जुट गया है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जल्दबाजी में सूची जारी की है। इस सूची में 70 से अधिक अस्पताल पंजीकृत हैं। इसे लेकर सीएमओ से वार्ता की गई है। पता चला है कि पोर्टल पर कई बार आवेदन करने के चक्कर में यह गलती हुई है। अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ आईएमए हैं और इसका विरोध भी करता है।
आईएमए सचिव ने कहा कि डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची में जिन अस्पतालों को गैर पंजीकृत बताया गया है। उनमें 70 से अस्पतालों को खुद स्वास्थ्य विभाग ने वेरिफाई कर रजिस्ट्रेशन किया है। स्वास्थ्य विभाग को संशोधित सूची जारी करने की जरूरत है, जिससे की प्रशासन को अवैध अस्पतालों की सही जानकारी मिल सके।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने गैर पंजीकृत अस्पतालों की सूची जारी की है। इसमें ऐसे अस्पताल भी हैं, जो कई बार पोर्टल पर आवेदन किए थे। इसकी वजह से पोर्टल पर एक-एक डॉक्टरों का नाम कई बार शो कर रहा था, जिसकी वजह से ऐसे अस्पतालों की सूची को गैर पंजीकृत किया गया है। विभाग की ओर से जारी सूची सही है।