गोरखपुर। नगर निगम की पहली कार्यकारिणी की बैठक में मंगलवार को शहर के विकास के 40 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगा दी गई। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में 51-51 लाख रुपये इस वित्तीय वर्ष में खर्च किए जाएंगे। इस फंड को पार्षद अपने वार्ड में विकास कार्यों पर खर्च करेंगे। सुबह करीब 11:30 बजे से शुरू कार्यकारिणी की बैठक दोपहर 3:30 बजे खत्म हुई।
बैठक शुरू होते ही निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कार्यकारिणी सदस्यों ने एक स्वर से पार्षद वरीयता की मांग रखी। इस पर सर्वसम्मति से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 51 लाख प्रति वार्ड के हिसाब से पार्षद वरीयता निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने सफाई उपकरण जैसे बेल्चा, झाडू, फावड़ा, ठेला आदि मानक के अनुसार उपलब्ध न होने की शिकायत की। नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि ठेला, फावड़ा, बेल्चा समेत अन्य सामान का टेंडर 16 अगस्त को कर दिया गया है। जल्द ही सभी वार्डों में इसे जरूरत के अनुसार मुहैया करवा दिया जाएगा। अजय कुमार ओझा, जुबैर अहमद, रणंजय सिंह जुगनू ने कहा कि 12 गेज की चद्दर से निर्मित ठेला न लेकर 10 गेज से निर्मित ठेला लिया जाए। ये कई वर्षों तक चलता है। इसके अलावा सुभाष चंद्र बोस कॉलोनी में हाई वोल्टेज तार की वजह से 22 प्लाट अनुपयोगी होने की जानकारी भी रखी गई। इसके अलावा सूरजकुंड में 15 हजार वर्गफीट खाली भूमि पर नगर निगम योजना के तहत विवाह स्थल भी बनाया जा सकेगा। पार्षदों को जनहित समस्या का समाधान और जनसंपर्क करने के लिए स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया। 500 स्ट्रीट लाइटें गायब होने की बात भी कार्यकारिणी की बैठक में उठाई गई।
नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा तय हुआ कि सभी संबंधित विभागों के साथ एक कमेटी बनाकर आगे से सड़क की कटाई का काम करवाया जाएगा। इसके अलावा संबंधित विभाग से पांच प्रतिशत धनराशि जमा कराई जाएगी। यह रकम तब वापस की जाएगी जब संबंधित विभाग सड़क बनवा देगा। सभी वार्डों में 10-10 नए स्ट्रीट लाइटें लगाने का निर्णय भी लिया गया।
इस दौरान मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, उपसभापति धर्मदेव चौहान, अजय राय, देवेंद्र कुमार गौड़, अजय कुमार ओझा, मनोज कुमार, रविंद्र सिंह, मनु जायसवाल, आनंदवर्धन सिंह, जुबैर अहमद, विश्वजीत त्रिपाठी, बिजेंद्र अग्रहरि, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य नगर लेखा परीक्षक कर्म विक्रम श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।