मुसलमान बाई चांस नहीं, बाई च्वाइस हैं हिंदुस्तानी : सैयद मो. नूरानी
- हजरत मुबारक खां शहीद का तीन दिवसीय उर्स शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नार्मल स्थित दरगाह पर हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां का सालाना तीन दिवसीय उर्स-ए-पाक बुधवार को जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी के साथ शुरू हुआ। भोर में गुस्ल एवं संदल पोशी हुई।
मुख्य अतिथि सैयद मो. नूरानी मियां ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान बाइ चांस नहीं, बाइ च्वाइस हिंदुस्तानी हैं। सरपरस्ती करते हुए सैयद नफीस अशरफ ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम ने औरत को समाज में एक बेहतरीन मुकाम अता करके उसकी इज़्ज़त में इजाफा किया है। दीन-ए-इस्लाम में औरत की बुलंदो बाला अजमत है। लड़कियां दीनी तालीम के साथ आला असरी तालीम भी हासिल करें, मगर इस्लामी तहजीबों को थामे रखें।
अध्यक्षता करते हुए मुफ्ती मुनव्वर ने कहा कि हिंदुस्तान में दीन-ए-इस्लाम की हर प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकता है। इससे पूर्व तिलावल-ए-कुरआन पाक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। नात-ए-पाक जिया यजदानी ने पेश की। संचालन कारी मो. अफजल बरकाती ने किया। अंत में सलातो-सलाम पढ़कर अमन चैन व खुशहाली की दुआ मांगी गई। जलसे में दरगाह सदर इकरार अहमद, शमशीर अहमद शेरु, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती मो. अजहर शम्सी, मुफ्ती मेराज अहमद कादरी आदि मौजूद रहे।